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पिथौरागढ़ से चीन सीमा की दूरी घटाने की तैयारी शुरू
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पिथौरागढ़। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पिथौरागढ़ से चीन सीमा की दूरी घटाने के लिए पुल और ओवरब्रिज बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर 45 से 60 मीटर लंबे पुलों के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। पिथौरागढ़ से गुंजी तक आठ नए पक्के पुलों का निर्माण किया जाएगा। इससे जिला मुख्यालय से चीन सीमा पर स्थित गुंजी की दूरी पांच से आठ किमी तक घट जाएगी। हालांकि पूर्व में सल्मोड़ा से धारचूला तक सड़क चौड़ीकरण और तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क निर्माण होने के बाद सीमा की दूरी काफी घट गई है।
बीआरओ ने हीरक परियोजना के तहत 408 करोड़ रुपये की लागत से घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क बनाई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई 2020 को इस सड़क का शिलान्यास किया। तब से बीआरओ सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण सहित सुरक्षा दीवार का निर्माण आदि कार्य तेज गति से कर रहा है। पिथौरागढ़ से धारचूला तक करीब 90 किमी सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इससे सड़क पर यातायात और अधिक सुगम हुआ है। हालांकि कई स्थानों पर चट्टानों के कठोर होने के कारण कटिंग होनी बाकी है। इसे जल्द पूरा करने की तैयारी है। नैनीपातल में करीब 45 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ओवरब्रिज के निर्माण से करीब 300 मीटर दूरी घट जाएगी। अब धूसाखान शिव मंदिर करीब 400 मीटर और गुड़ौली से बंदरलीमा के बीच करीब 800 मीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण होना शेष है। धूसाखान में 80 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। अन्य लंबे गधेरों के पास पुलों के निर्माण की तैयारी चल रही है। कई नये स्थानों पर पुलों के निर्माण के लिए बीआरओ की टीम सर्वे कर रही है।
तवाघाट-गुंजी तक बेली ब्रिज के स्थान पर बनेंगे पक्के पुल
पिथौरागढ़। तवाघाट से गुंजी तक कई स्थानों पर बेली ब्रिज बनाए गए हैं। उनके स्थान पर पक्के पुलों का निर्माण किया जाएगा। तवाघाट में बेली ब्रिज के स्थान पर पक्के पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यहां पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। अभी में पिथौरागढ़ से गुंजी की दूरी करीब 160 किमी है। नये पुलों के निर्माण के बाद करीब यह दूरी आठ किमी तक घट जाएगी। गुंजी की दूरी धारचूला से 90 किमी और तवाघाट से 95 किमी है। दूरी घटने का सीधा लाभ सीमांत में रहने वाले लोगों के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को भी मिलेगा।
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बीआरओ ने हीरक परियोजना के तहत 408 करोड़ रुपये की लागत से घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क बनाई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई 2020 को इस सड़क का शिलान्यास किया। तब से बीआरओ सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण सहित सुरक्षा दीवार का निर्माण आदि कार्य तेज गति से कर रहा है। पिथौरागढ़ से धारचूला तक करीब 90 किमी सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इससे सड़क पर यातायात और अधिक सुगम हुआ है। हालांकि कई स्थानों पर चट्टानों के कठोर होने के कारण कटिंग होनी बाकी है। इसे जल्द पूरा करने की तैयारी है। नैनीपातल में करीब 45 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ओवरब्रिज के निर्माण से करीब 300 मीटर दूरी घट जाएगी। अब धूसाखान शिव मंदिर करीब 400 मीटर और गुड़ौली से बंदरलीमा के बीच करीब 800 मीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण होना शेष है। धूसाखान में 80 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। अन्य लंबे गधेरों के पास पुलों के निर्माण की तैयारी चल रही है। कई नये स्थानों पर पुलों के निर्माण के लिए बीआरओ की टीम सर्वे कर रही है।
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तवाघाट-गुंजी तक बेली ब्रिज के स्थान पर बनेंगे पक्के पुल
पिथौरागढ़। तवाघाट से गुंजी तक कई स्थानों पर बेली ब्रिज बनाए गए हैं। उनके स्थान पर पक्के पुलों का निर्माण किया जाएगा। तवाघाट में बेली ब्रिज के स्थान पर पक्के पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यहां पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। अभी में पिथौरागढ़ से गुंजी की दूरी करीब 160 किमी है। नये पुलों के निर्माण के बाद करीब यह दूरी आठ किमी तक घट जाएगी। गुंजी की दूरी धारचूला से 90 किमी और तवाघाट से 95 किमी है। दूरी घटने का सीधा लाभ सीमांत में रहने वाले लोगों के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को भी मिलेगा।
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