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नेपाल का त्रिपुरासुंदरी मेला आज से, तैयारी पूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:13 PM IST
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नेपाल के त्रिपुरासुंदरी मंदिर में जुटने लगी भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी नेपाल के बैतड़ी जिले में स्थित त्रिपुरासुंदरी मंदिर में सोमवार से मेला शुरू होगा। मंदिर में सुबह मुख्य पूजा के बाद पशुबलि होगी। अगले दिन आठ नवंबर को बड़ी जात होगी। सुबह चार बजे से मंदिर में पूजा शुरू होगी। मंदिर में सुबह से ही भक्त हवन कराएंगे। उसके बाद मां भगवती का डोला कापड़ीगांव ले जाया जाएगा। डोले के साथ नगाड़ों की धुन में देव कन्याएं चंवर हिलाते और नृत्य करते हुए चलेंगी। साथ में चल रहे सैकड़ों भक्त त्रिशूल, सोने और चांदी की छड़ों को लेकर आगे बढ़ेंगे।
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उसके बाद भगवती का डोला कापड़ीगांव पहुंचेगा। कुछ देर पूजा-अर्चना करने के बाद लोग मुख्य मंदिर में वापिस आएंगे। किवदंती के अनुसार प्राचीन काल में डोले के जाते समय एक दैत्य मानव की बलि मांगता था। उसी से बचने के लिए लोग चोरी-छिपे दूसरे रास्ते आते थे। इसीलिए आज भी ऐसा ही किया जाता है। उसके बाद मां भगवती का शृृंगार किया जाएगा। क्षेत्र के जानकार लक्ष्मण लाल श्रेष्ठ बताते हैं कि त्रिपुरा सुंदरी मंदिर मां भगवती का शक्ति पीठ है। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि प्राचीन काल में इस गांव में अकाल पड़ा था।
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गांव के कुछ बुजुर्ग धन और अन्न की प्राप्ति के लिए दूसरे गांव रोड़ी, रंतोली गए। वहां से वापस अनाज को लेकर आते समय रास्ते में शौच करने के बाद गंदे हाथों से राशन उठाने पर थैले से आवाज आई कि राशन गंदे हाथों से न उठाया जाए। उसी थैले में से मां भगवती शिला के रूप में प्रकट हुई तथा उसी थैले में समा गई। गांव में धन बुद्धि, सुख-समृद्धि के लिए तभी से शक्ति स्वरूपा मां भगवती इस स्थान पर रणसैनी के रूप में पूजी जाती हैं।
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पिछले कई वर्षों तक नेपाल में माओवादी हिंसा के चलते मेले में भारत से जाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई थी। अब इस तरह का खतरा नहीं है। हाल के वर्षों में मंदिर तक सड़क पहुंचने के बाद भारत से आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ी है। बैतड़ी के पुलिस अधीक्षक बाल नरसिंह राणा ने बताया कि मेले में शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार से ही मंदिर में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया।