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पिथौरागढ़: नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल प्रदेश में डेढ़ माह में ही सत्ता परिवर्तन
Sun, 12 Feb 2023 04:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Feb 2023 04:38 AM IST
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड की सीमा से लगे नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल प्रदेश में डेढ़ माह में ही सत्ता परिवर्तन हो गया है। सत्ता संग्राम के चलते नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी एमाले ओली समर्थक सत्ता में आसीन मुख्यमंत्री राजेंद्र सिंह रावल प्रदेश सभा की बैठक में अपना विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए।
नेपाल में प्रचंड गुट और एमाले ओली गुट ने आपसी समझौते के साथ देश में सरकार बनाकर एमाले से राजेंद्र सिंह रावल को मुख्यमंत्री घोषित किया था लेकिन 45 दिनों में ही रावल अपना विश्वासमत प्राप्त नहीं कर पाए जिसके चलते नेपाली संविधान की धारा-168 की उपधारा तीन के तहत प्रदेश सभा में सबसे बड़े संसदीय दल कांग्रेस ने दावेदारी प्रस्तुत कर दी और कांग्रेस के संसदीय दल के नेता कमल बहादुर शाह ने मुख्यमंत्री की दावेदारी पेश की। कांग्रेस मुख्यमंत्री के शपथ कार्यक्रम में जुट गई है।
वहीं ओली समर्थित एमाले संसदीय दल के रावल ने सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिलने के बाद बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। संविधान की धारा 168 की उपधारा दो के अनुसार नियुक्त रावल के विश्वासमत प्राप्त न कर पाने पर धारा तीन के तहत कांग्रेस ने सत्ता प्राप्त की। नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह को एक माह भीतर बहुमत सिद्ध करना होगा।
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नेपाल में प्रचंड गुट और एमाले ओली गुट ने आपसी समझौते के साथ देश में सरकार बनाकर एमाले से राजेंद्र सिंह रावल को मुख्यमंत्री घोषित किया था लेकिन 45 दिनों में ही रावल अपना विश्वासमत प्राप्त नहीं कर पाए जिसके चलते नेपाली संविधान की धारा-168 की उपधारा तीन के तहत प्रदेश सभा में सबसे बड़े संसदीय दल कांग्रेस ने दावेदारी प्रस्तुत कर दी और कांग्रेस के संसदीय दल के नेता कमल बहादुर शाह ने मुख्यमंत्री की दावेदारी पेश की। कांग्रेस मुख्यमंत्री के शपथ कार्यक्रम में जुट गई है।
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वहीं ओली समर्थित एमाले संसदीय दल के रावल ने सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिलने के बाद बृहस्पतिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। संविधान की धारा 168 की उपधारा दो के अनुसार नियुक्त रावल के विश्वासमत प्राप्त न कर पाने पर धारा तीन के तहत कांग्रेस ने सत्ता प्राप्त की। नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह को एक माह भीतर बहुमत सिद्ध करना होगा।
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