मुवानी कस्बे की सड़क पर हॉटमिक्स नहीं किया
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थल-सातशिलिंग रोड के बीच में पड़ने वाले मुवानी कस्बे के लोग इस बात को लेकर आश्चर्य में हैं कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से हुए सड़क सुधारीकरण के दौरान मुवानी कस्बे की सड़क पर हॉटमिक्स छोड़ दिया गया। एडीबी ने सड़क निर्माण का काम दिल्ली की पीआरएल कंपनी को दिया था। कंपनी अब तक 44 करोड़ रुपये में से 35 करोड़ रुपये इस सड़क पर खर्च कर चुकी है। मुवानी बाजार वाले बारिश के समय कीचड़ से और गर्मी के समय सड़क से उड़ने वाली धूल से परेशान रहते हैं। मुवानी कस्बे में ही हॉटमिक्स का काम क्यों छोड़ दिया गया, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।
जनवरी में कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन ने जब इस सड़क का निरीक्षण किया था, तब उन्होंने इसके सुधारीकरण में भारी गोलमाल की आशंका जताते हुए डीएम को जांच कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। डीएम ने सीडीओ आशीष चौहान के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन तो कर दिया, लेकिन अभी जांच का काम शुरू नहीं हो पाया है। बताया गया कि 50 किलोमीटर लंबी इस सड़क के काफी हिस्से में अभी हॉटमिक्स नहीं किया गया है। कई स्थानों पर कॉजवे में बिछाई गई सरिया बाहर निकल आई हैं। मोड़ों का कटान सही ढंग से नहीं हुआ है। सड़क की दशा सुधारीकरण के बाद और ज्यादा खराब हो गई है। मुवानी के लोगों ने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि यदि 15 दिन के भीतर सड़क पर हॉटमिक्स नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मामले की जांच होनी चाहिए
मुवानी निवासी सोबन सिंह कार्की का कहना है कि सड़क सुधारीकरण के नाम पर हुई घपलेबाजी की सीबीआई जांच होनी चाहिए। सरकारी धन की बर्बादी करने वालों को सबक सिखाना जरूरी है। वह कहते हैं कि सड़क को इस तरह खोद दिया गया है कि मुवानी कस्बे के हर घर तक धूल पहुंच रही है।
लोग अब बड़ा आंदोलन करेंगे
मुवानी निवासी कमलदीप बिष्ट का कहना है कि पिछले एक वर्ष से सड़क की दुर्दशा झेल रहे लोग अब बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई सरकार को तत्काल इस मामले में कदम उठाना चाहिए और भ्रष्टाचार को फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए।