फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Munsyari, Dharchula areas cut off from the rest of the

मुनस्यारी, धारचूला का संपर्क शेष इलाकों से कटा

Fri, 01 Jul 2016 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला/अस्कोट/मुनस्यारी
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला/अस्कोट/मुनस्यारी Updated Fri, 01 Jul 2016 11:09 PM IST
विज्ञापन
Munsyari, Dharchula areas cut off from the rest of the
पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर छत्याबेल के पास गिरा मलबा - फोटो : अमर उजाला

बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश से पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच बंदरलीमा से आगे कई जगह मलबा पटने से बंद हो गया है। नारायणनगर-अस्कोट रोड, थल-मुनस्यारी रोड पर रातीगाड़ और रसियाबगड़ में भारी मलबा आने से यातायात बंद है। मुनस्यारी से मदकोट होते हुए जौलजीबी जाने वाली सड़क भी बंद हो गई है। धारचूला और मुनस्यारी का शेष इलाकों से सड़क संपर्क कट गया है। पैदल रास्तों का नामोनिशान मिट गया है। एक दर्जन से ज्यादा पैदल पुल बह गए हैं। कई गांवों का संपर्क कट गया है। इस तरह की स्थिति से जिला प्रशासन नई मुसीबत में आ गया है। आपदा प्रभावित गांवों तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं बचा है।

विज्ञापन


सबसे खराब हालत पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर हो गई है। इस सड़क में बंदरलीमा, छत्याबेल पर सड़क 40 मीटर तक धंस गई है। धारचूला से दिल्ली, देहरादून, बरेली, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ जाने वाले सारे वाहन छत्याबेल में फंसे रहे। छत्याबेल में हालत इतनी खराब है कि लोग पैदल आवाजाही भी नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा बलुवाकोट, नगतड़, जौलजीबी, छारछुम सहित लगभग 10 जगह पिथौरागढ़ रोड बाधित हो गया है। सीमा सड़क संगठन के साइड इंचार्ज डीडी भट्ट ने बताया कि बलुवाकोट और कालिका दोनों ओर से डोजर लगाया गया है।
विज्ञापन


अस्कोट से मिली जानकारी के अनुसार पोखरी में पैदल पुल बह गया। हरडा तोक को जोड़ने वाला रास्ता और ज्याकोट का पैदल पुल बह गया। धौलाकोट जाने वाली सड़क बह गई है। पीएमजीएसवाई और ग्राम सड़क योजना की रोडों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुनस्यारी का जनजीवन अस्त व्यस्त है। सड़क यातायात बंद होने से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। आपदा के समय सड़क यातायात सामान्य बनाए रखने के शासन और प्रशासन के आदेशों की हवा निकल गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नुकसान के आंकड़े जुटाना हो गया कठिन
पिथौरागढ़। संचार सेवा ठप होने से आपदा प्रबंधन विभाग नुकसान के आंकड़े नहीं जुटा पाया। तहसील मुख्यालयों में कहां कितनी बारिश हुई इसकी जानकारी भी आपदा प्रबंधन के पास नहीं थी। सिर्फ मौसम विभाग ने जिला मुख्यालय में हुई बारिश का आंकड़ा जारी किया। जिला मुख्यालय में 5.8 एमएम बारिश हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed