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मुख्यमंत्री के पास पहुंचा जाखपंत में खनन का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 20 Apr 2017 10:38 PM IST
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खनन प्रभावित पिथौरागढ़ का जाखपंत गांव
- फोटो : अमर उजाला
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कई वर्षों से खनन के कारण परेशान जाखपंत गांव के लोगों ने बृहस्पतिवार को अपनी पुकार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक पहुंचा दी। इस मामले में जाखपंत गांव के देवेंद्र पंत ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। इस पत्र का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय खान मंत्रालय में अपर सचिव पी विनय कुमार ने आठ फरवरी को उत्तराखंड के प्रमुख सचिव खनन को यह आदेश दिया था कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाए।
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जाखपंत गांव के फकीर सिंह धामी की ओर से बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि मनमाने तरीके से हो रहे पत्थरों के खनन से गांव के जंगल, जमीन और पानी के स्रोतों को भारी नुकसान पहुंच गया है। पिछली सरकार ने ग्रामीणों के लगातार विरोध को दरकिनार कर मनमाने ढंग से खनन के पट्टे जारी कर दिए। उन्होंने पत्र में कहा है कि शासन सत्ता के दबाव में हर बार गांव के लोगों की आवाज को दबा दिया गया, जबकि अंधाधुंध खनन से संवेदनशील पहाड़ियों के दरकने का खतरा पैदा हो गया है।
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बारिश के समय यह समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि गांव की सुरक्षा के लिए जाखपंत में दिए गए खनन पट्टों की निष्पक्ष जांच की जाए और गांव की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति को खनन की अनुमति न दी जाए।
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