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मिलम से कल शाम वापस मुनस्यारी पहुंचेंगे आयुक्त
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:33 PM IST
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कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन
- फोटो : अमर उजाला
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कुमाऊं आयुक्त डी सैंथिल पांडियन 22 अक्तूबर की शाम तक मिलम से मुनस्यारी लौट आएंगे। मुनस्यारी से मिलम तक के 68 किलोमीटर के इस मार्ग पर आयुक्त को एक तरफ में 37 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ेगा, जबकि 31 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने वाहन से की। अब मुनस्यारी से मिलम के लिए सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क का कुछ हिस्सा बन गया है।
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बता दें कि इससे पहले 2001 में तत्कालीन आयुक्त सुभाष कुमार ने मिलम का पैदल सफर किया था। तब मिलम के लिए मोटर सड़क नहीं बनी थी। वह मुनस्यारी से मिलम तक 57 किलोमीटर ट्रैकिंग रूट से गए। उनके साथ तत्कालीन डीएम तारकेंद्र वैष्णव ने भी मिलम का दौरा किया था। उसके बाद 2003 में तत्कालीन डीएम नवीन चंद्र शर्मा भी पैदल मिलम पहुंचे थे। वर्ष 2016 की शुरुआत में एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने मुनस्यारी का हेलीकॉप्टर से दौरा किया था।
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तहसीलदार खुशाल राम ने बताया कि आयुक्त के साथ गई टीम ने मुनस्यारी से चिलमधार तक का 13 किलोमीटर का सफर गाड़ी से पूरा किया। बुधवार रात यह टीम बोगड्यार पहुंची। चिमलधार से बोगड्यार जाने के लिए टीम के सदस्यों को गाड़ी से उतरकर पैदल चलना पड़ा। यह दूरी करीब 22 किलोमीटर है। बृहस्पतिवार सुबह टीम के सदस्य बोगड्यार से रिलकोट के लिए पैदल रवाना हुए। यह दूरी 15 किलोमीटर है। रिलकोट से मिलम तक के लिए 18 किलोमीटर सड़क बनी है। इसमें बीआरओ और आईटीबीपी के वाहन चलते हैं। तहसीलदार के अनुसार शुक्रवार सुबह आयुक्त मिलम में लोगों की समस्या सुनने के बाद लौट आएंगे और वह शुक्रवार शाम तक बोगड्यार पहुंच जाएंगे। तहसीलदार ने बताया कि 22 अक्तूबर की रात तक आयुक्त के मुनस्यारी पहुंचने की उम्मीद है और 23 अक्तूबर को वह अधिकारियों की बैठक लेंगे। यदि किसी कारणवश यहां पहुंचने में देरी होती है तो बैठक की तिथि एक दिन आगे बढ़ सकती है।
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मिलम वालों की समस्या जस की तस
मिलम के लोगों की समस्या जस की तस है। कई अधिकारी समय-समय पर वहां जाते रहे, लेकिन अब तक मिलम तक सीधा सड़क संपर्क नहीं हो पाया है। मिलम के लोग माइग्रेशन पर इसी महीने के अंत में घाटियों में उतर आएंगे। यदि सड़क संपर्क हो जाता तो लोगों को माइग्रेशन की जरूरत नहीं पड़ती।