फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Make a modern eco park in Munshyanari's talathoth.

मुनस्यारी के पातलथौड़ में आधुनिक ईको पार्क बना

Sat, 09 Jun 2018 10:36 PM IST
दिनेश अवस्थी/अमर उजाला, पिथौरागढ़
दिनेश अवस्थी/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sat, 09 Jun 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
Make a modern eco park in Munshyanari's talathoth.
मुनस्यारी के पातलथोड़ में बना ईको पार्क - फोटो : अमर उजाला

मुनस्यारी के पातलथौड़ में पर्यटकों को लुभाने के लिए वन विभाग की ओर से आधुनिक ईको पार्क बनाया जा रहा है। इसके पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। ईको पार्क बन जाने से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन


जैव विविधता संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना (बकरलिप) के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से पातलथौड़ में करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर ‘मुनस्यारी ईको पार्क’ का निर्माण किया है। हिमनगरी मुनस्यारी में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। मुनस्यारी पहुंचने के बाद पर्यटक प्रकृति एवं हिमालय के विहंगम नजारे का लुत्फ उठा सकें। साथ ही खुद को साहसिक पर्यटन से जोड़ सकें। इसके लिए ईको पार्क में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है।
विज्ञापन


पार्क में छोटे एवं बड़े लोगों के लिए 50 से 250 मीटर लंबी चार जिप लाइन बनाई गई हैं, इनमें पर्यटक स्टील वायर के सहारे हवा में एक कोने से दूसरे कोने तक जा सकते हैं। दोनों कोनों पर तीन-तीन कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो पर्यटकों की मदद करेंगे। 30 मीटर ऊंचाई की कमांडो नेट बनाई गई है। इसे भी वायर के जरिये दो कोनों में बांधा गया है। वर्मा ब्रिज में सीढ़ियों के जरिये पर्यटकों लुभाने की कवायद की गई है। इसके अलावा पार्क में तीन वॉच टावर समेत कई अन्य सुविधाएं भी जुटाई गई हैं। वन विभाग के एसडीओ मुरली मनोहर भट्ट ने बताया कि पातलथौड़ ईको पार्क में पर्यटक प्रकृति एवं पंचाचूली हिमालय की खूबसूरती का आनंद उठा सकें, इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्क में पर्यटकों के लिए सुविधाएं 
टायर लेडर क्रासिंग
मंकी कार्डलिंग
स्विंग लॉग ब्रिज
लेडर बेंबो ब्रिज
कमांडो नेट एल्पाइन
कमांडो नेट वर्टिकल
स्काई वॉक, मल्टी वाइन

पाथर और गारे का हुआ है प्रयोग 
ईको पार्क में 100 लोगों के बैठने के लिए कैफेटेरिया बनाया जा रहा है। इसका कार्य भी अंतिम चरण पर है। कैफेटेरिया में स्थानीय खानपान की सुविधा पर्यटकों को मिलेगी। इसके अलावा एक फास्टफूड सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसमें कहीं भी सीमेंट, प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया है। स्थानीय पाथर (पत्थर) और गारे से चिनाई की गई है। फर्श भी पाथर का ही डाला जा रहा है। पार्क में 70 वर्गमीटर का तालाब बनाया जा रहा है। इसमें पर्यटकों को लुभाने के लिए स्थानीय मछलियां डाली जाएंगी। दूसरे चरण में परंपरागत मकानों की तर्ज पर पार्क में नौ ईको हट बनाए जाने हैं।

समिति करेगी पार्क का संचालन
ईको पार्क के संचालन के लिए समिति बनाई गई है। इसमें मुनस्यारी के एसडीओ, रेंजर, फारेस्ट गार्ड, स्थानीय सरपंच को शामिल किया गया है। संरक्षक जिलाधिकारी होंगे।


धन की कमी से अटक सकते हैं ईको हट
बकरलिप परियोजना पांच वर्ष के लिए स्वीकृत थी। विश्व बैंक से परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। 31 मार्च को परियोजना की अवधि समाप्त हो चुकी है। परियोजना के तहत धारचूला, मुनस्यारी एवं अस्कोट के 85 गांवों में जैव विविधता का संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका में सुधार किया जाना था। 30 करोड़ के सापेक्ष वन विभाग को महज 14 करोड़ रुपये ही मिल पाए। केंद्र सरकार से शेष धनराशि की मांग की गई है, जो अभी नहीं मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed