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खाता खुलवाने 35 किमी दूर मदकोट पहुंचे मासूम

Fri, 07 Jun 2019 11:05 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , मदकोट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , मदकोट (पिथौरागढ़)। Published by: kamlesh kamlesh Updated Fri, 07 Jun 2019 11:05 PM IST
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Madkot arrive 35km away from opening account
बैंक में खाता खोलने के लिए तीन घंटे पैदल चलने के बाद 30 किमी दूर मदकोट पहुंचे मासूम बच्चे। - फोटो : पिथौरागढ़
दस माह पहले आवेदन करने के बाद भी दुर्गम गांव मदरमा की पाठशाला के बच्चों का खाता एसबीआई बंगापानी में खाता नहीं खुला है। इसके चलते बच्चों कोे खाता खुलवाने के लिए अपने अभिभावकों के साथ 35 किमी दूर मदकोट आना पड़ा। खाता नहीं खुलने की वजह से बच्चों कोे छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म और किताबों आदि के पैसे अब तक नहीं मिले हैं। अब तक मात्र चार बच्चों का खाता खुला है, इनमें एक का नाचनी बैंक और तीन अन्य का मदकोट के ग्रामीण बैंक में खाता खुला है।
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स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने स्कूल ड्रेस, छात्रवृत्ति और किताबों आदि के लिए मिलने वाली धनराशि को प्राप्त करने को पिछले वर्ष अभिभावकों से बैंक में बच्चों का खाता खुलवाने को कहा। इसके बाद अभिभावकों ने खाता खोलने के लिए फॉर्म भरकर अगस्त में एसबीआई बंगापानी में आवेदन किया। कई चक्कर लगाने के बाद भी खाते नहीं खुल सके।
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दस माह तक भी खाता नहीं खुलने और बच्चों को छात्रवृत्ति एवं यूनिफार्म का पैसा नहीं मिलने पर उर्मिला, हिमांशु धामी और बबीता के अभिभावक तीनों बच्चों को लेकर ग्रामीण बैंक मदकोट पहुंचे। इसके बाद तीनों के खाते खोले गए। बच्चों को लेकर आए अभिभावकों उत्तम सिंह धामी, खिमुली देवी, गीता देवी और मनीषा ने बताया कि उनके गांव मदरमा से बंगापानी पहुंचने के लिए तीन घंटे पैदल चलना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बंगापानी से मदकोट 15 किलोमीटर की दूरी है।
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बंगापानी में यदि खाता खुल जाता तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती। अभिभावकों ने बताया कि मदरमा प्राथमिक पाठशाला में वर्तमान में 11 बच्चे पढ़ते हैं। अभी तक केवल एक छात्र भूपेंद्र सिंह का खाता खुला है। उसका भी बंगापानी में खाता नहीं खुलने से एसबीआई की नाचनी शाखा में जाना पड़ा। अभिभावकों ने कहा कि उन्हें खाता खुलवाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गांव में किसी प्रतिनिधि को भेजकर खाते खुलवाने की मांग की है ताकि मासूम बच्चों को बार-बार चक्कर न काटने पड़े। इस संबंध में एसबीआई बंगापानी के प्रबंधक सुनील जोशी ने बताया कि बैंक में स्टाफ की कमी और सर्वर डाउन होने से नए खाते खोलने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आवेदन मिलने पर प्राथमिकता के साथ बच्चों के खाते खोले जाएंगे।
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