{"_id":"578fb2054f1c1b1d7fc4c0dc","slug":"lifting-water-planning-disaster-naraynnagr-stalled","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा से नारायणनगर लिफ्टिंग पेयजल योजना ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा से नारायणनगर लिफ्टिंग पेयजल योजना ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:46 PM IST
विज्ञापन
आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल निगम के डीडीहाट डिवीजन को ताजा आपदा से भारी नुकसान पहुंचा है। उसकी कई बड़ी योजनाएं ठप हैं। इन योजनाओं में पानी की टंकियों में मलबा भरा है। पाइप बह गए हैं। सुधार के काम में अभी लंबा वक्त लगने वाला है। जल निगम की बड़ी योजनाओं में नारायणनगर लिफ्ट पंपिंग योजना भी शामिल है। इसमें पानी आना बंद है और योजना से आच्छादित एक हजार की आबादी संकट में है।
विज्ञापन
जल निगम के ईई वीके कौशिक ने बताया कि नारायणनगर के अलावा उनकी बड़ी योजनाओं में रिगूनिया पेयजल योजना, तुरगोली, लामाघर, सिरथाम और धामीगांव पेयजल योजना शामिल हैं। इनमें इस समय पानी नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि मोटे तौर पर दो करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन कर शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलने के बाद योजनाओं की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। जल निगम ने आंशिक रूप से जिन योजनाओं में पानी चलाया है, उनमें भनड़ा से आईटीबीपी वाली योजना और बेलचाबगड़ योजना शामिल है।
विज्ञापन
जल संस्थान के डीडीहाट डिवीजन के अधीन आने वाली 42 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई थी। जल संस्थान का दावा है कि इन सभी योजनाओं में अस्थायी तौर पर पेयजल की सप्लाई कर दी गई है, यदि स्थायी रूप से मरम्मत के लिए धन नहीं मिला तो योजनाएं किसी भी समय बंद हो सकती हैं। अभी बारिश का क्रम सितंबर तक जारी रहेगा। तब तक योजनाओं में खतरा बना रहेगा। जल संस्थान को 1.45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल संस्थान ने जिन बड़ी योजनाओं में आंशिक रूप से पानी चलाया है, उनमें पुरानाथल पेयजल योजना, भनड़ा-डीडीहाट योजना, टिमटिया फेज टू, भूलगांव, नया बस्ती, सीपू, मार्छा, थल, सत्यालगांव योजना शामिल हैं।
विज्ञापन
जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस ने बताया कि स्थायी रूप से मरम्मत के लिए शासन को आकलन भेजा गया है, यदि जल्द पैसा नहीं मिला तो योजनाएं किसी भी समय बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की कठिनाई न हो इसे देखते हुए तत्काल मरम्मत का काम किया गया है।
जल संस्थान का स्टोर पहले से उपलब्ध
जल संस्थान के पास सामान का स्टोर पहले से उपलब्ध है, इसमें मरम्मत के लिए पाइप, साकेट, यूनियन जैसी सामग्री रहती है। जरूरत पड़ने पर तत्काल इसी सामान से काम चलाया जाता है, जिन स्थानों पर कम टूट-फूट होती है, वहां पर तत्काल यह सामग्री स्टोर से निकालकर भेजी जाती है। जल संस्थान का डिवीजन खुलने के साथ ही स्टोर भी बन गया था।