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पिथौरागढ़: फिर किया सचेत, 22 प्राकृतिक स्रोतों का पानी पीने लायक नहीं
Sun, 12 Feb 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Feb 2023 11:24 PM IST
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पिथौरागढ़। जलसंस्थान ने फिर सचेत किया है कि जिला मुख्यालय में 27 पेयजल स्रोतों में से 22 स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है। सिर्फ पांच पेयजल स्रोतों का पानी पीने योग्य है। हालांकि इन स्रोतों का पानी भी उबालकर ही प्रयोग किया जा सकता है। विभाग ने दूषित और पीने योग्य पेयजल स्रोतों की सूची अब जिला अस्पताल में चस्पा की है।
पिछले महीनों में नगर में पीलिया रोग फैला तो डीएम के आदेश पर पानी की जांच हुई थी। जांच में पानी में कोलीफार्म वैक्टीरिया पाए लाने की पुष्टि हुई थी। तब जलसंस्थान ने साफ किया था कि 22 प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बाद भी लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी ला रहे हैं। अब विभाग ने पूरी सूची ही जिला अस्पताल में चस्पा कर दी है।
पीसीबी मानक के अनुसार बी क्लास पानी
पपदेव धारा, धनौड़ा निकट मंदिर, रई धारा, ओली भवन के पीछे जाखनी नौला, जाखनी नौला द्वितीय, लिंठ्यूड़ा धारा, मल्ली दौला धारा, निकट बीआरसी नौला, निकट नीकलंठ धारा, पांडेगांव नौला निकट शनि मंदिर, कुसौली नौला, खड़कोट नौला, लिंठ्यूड़ा धारा निकट टीचर्स कालौनी, हुड़ेती नौला, ऐंचोली धारा निकट शिव मंदिर, आरएफसी गोदाम धारे के पानी पीने योग्य नहीं है।
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पीसीबी मानक के अनुसार सी क्लास पानी
चिमस्यानौला, टकाना खड़ी गली नौला, शिवालय मंदिर धारा निकट स्टेशन, विवेकानंद डाउन नौला, विवेकानंद ऊपर नौला, पंप हाउस के पीछे रई नौला शिवालय मंदिर धारा के पानी पीने योग्य नहीं है। इन धारों और नौलों का पीसीबी मानक के अनुसार सी क्लास है। इनका प्रयोग पीने के लिए पूर्ण रूप से वर्जित है।
सिर्फ इन स्रोतों का पानी ठीक
महादेव धारा हुड़ेती, पंडा धारा, डॉन बास्को स्कूल धारा, घुपौड़ नौला और धारा निकट अनुमान मंदिर फिलिंग प्वाइंट। इन धारों की पीसीबी नॉर्म्स गुणवत्ता एक क्लास है। हालांकि यहां का पानी उबालना जरूरी है।
लोगों नहीं दे रहे ध्यान
जलसंस्थान ने सूची तो चस्पा कर दी मगर अस्पताल आने वाले लोग इस पर कम ही ध्यान देते हैं। कई लोग अब भी दूषित धारों से ही पानी पी रहे हैं। नगर में पानी की किल्लत के दौरान लोग इन्हीं धारों का पानी पीते हैं।
पिथौरागढ़ में स्थित सभी पेयजल स्रोतों की सूची अस्पताल के पर्ची पंजीकरण कक्ष के बाहर चस्पा की है, जिससे लोगों को जानकारी मिल सके।
-सुरेश जोशी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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पिछले महीनों में नगर में पीलिया रोग फैला तो डीएम के आदेश पर पानी की जांच हुई थी। जांच में पानी में कोलीफार्म वैक्टीरिया पाए लाने की पुष्टि हुई थी। तब जलसंस्थान ने साफ किया था कि 22 प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बाद भी लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी ला रहे हैं। अब विभाग ने पूरी सूची ही जिला अस्पताल में चस्पा कर दी है।
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पीसीबी मानक के अनुसार बी क्लास पानी
पपदेव धारा, धनौड़ा निकट मंदिर, रई धारा, ओली भवन के पीछे जाखनी नौला, जाखनी नौला द्वितीय, लिंठ्यूड़ा धारा, मल्ली दौला धारा, निकट बीआरसी नौला, निकट नीकलंठ धारा, पांडेगांव नौला निकट शनि मंदिर, कुसौली नौला, खड़कोट नौला, लिंठ्यूड़ा धारा निकट टीचर्स कालौनी, हुड़ेती नौला, ऐंचोली धारा निकट शिव मंदिर, आरएफसी गोदाम धारे के पानी पीने योग्य नहीं है।
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पीसीबी मानक के अनुसार सी क्लास पानी
चिमस्यानौला, टकाना खड़ी गली नौला, शिवालय मंदिर धारा निकट स्टेशन, विवेकानंद डाउन नौला, विवेकानंद ऊपर नौला, पंप हाउस के पीछे रई नौला शिवालय मंदिर धारा के पानी पीने योग्य नहीं है। इन धारों और नौलों का पीसीबी मानक के अनुसार सी क्लास है। इनका प्रयोग पीने के लिए पूर्ण रूप से वर्जित है।
सिर्फ इन स्रोतों का पानी ठीक
महादेव धारा हुड़ेती, पंडा धारा, डॉन बास्को स्कूल धारा, घुपौड़ नौला और धारा निकट अनुमान मंदिर फिलिंग प्वाइंट। इन धारों की पीसीबी नॉर्म्स गुणवत्ता एक क्लास है। हालांकि यहां का पानी उबालना जरूरी है।
लोगों नहीं दे रहे ध्यान
जलसंस्थान ने सूची तो चस्पा कर दी मगर अस्पताल आने वाले लोग इस पर कम ही ध्यान देते हैं। कई लोग अब भी दूषित धारों से ही पानी पी रहे हैं। नगर में पानी की किल्लत के दौरान लोग इन्हीं धारों का पानी पीते हैं।
पिथौरागढ़ में स्थित सभी पेयजल स्रोतों की सूची अस्पताल के पर्ची पंजीकरण कक्ष के बाहर चस्पा की है, जिससे लोगों को जानकारी मिल सके।
-सुरेश जोशी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान