फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Leopard imprisoned in cage in Jakhani Upreti of Gangolihat Pithoragarh

Pithoragarh: जाखनी उप्रेती में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, दो बच्चों पर हमले के बाद से दहशत में थे ग्रामीण

Wed, 07 Jun 2023 04:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 07 Jun 2023 04:09 PM IST
सार

बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राथमिक स्कूल में भी छुट्टी कर दी गई। हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से घटनास्थल गितोड़ तोक के पास अलग-अलग जगहों पर दो पिंजरे और छह कैमरा ट्रैप लगाए गए।

विज्ञापन
Leopard imprisoned in cage in Jakhani Upreti of Gangolihat Pithoragarh
गंगोलीहाट के जाखनी उप्रेती गांव में पिंजरे में कैद तेंदुआ। संवाद

विस्तार

पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट के जाखनी उप्रेती गांव में दो बच्चों पर हमला करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। मादा तेंदुए की उम्र सात-आठ साल बताई जा रही है। तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है।

विज्ञापन

जाखनी उप्रेती गांव में तेंदुए ने 24 मई को भगवान सिंह मेहरा के पुत्र यश पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो दिन बाद हायर सेंटर ले जाते समय यश ने लोहाघाट में दम तोड़ दिया था। इससे पूर्व भी तेंदुए ने एक बालिका पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हादसे के बाद विधायक फकीर राम टम्टा भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मिले थे। तेंदुए के हमले के बाद दहशत इस कदर बढ़ गई कि लोगों ने शाम के वक्त घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया।
विज्ञापन


बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राथमिक स्कूल में भी छुट्टी कर दी गई। हमलावर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से घटनास्थल गितोड़ तोक के पास अलग-अलग जगहों पर दो पिंजरे और छह कैमरा ट्रैप लगाए गए। वन रेंजर मनोज सनवाल के नेतृत्व में 20 वन कर्मचारियों की टीम भी तेंदुए से लोगों की सुरक्षा के लिए घटनास्थल के आसपास गश्त में लगी रही। दो पशु चिकित्सक और वन्य जीव विशेषज्ञ भी मौके पर डटे रहे। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और डीएफओ ने मौके पर पहुंचकर टीम को आवश्यक निर्देश दिए। रेंजर सनवाल ने बताया कि सोमवार की रात साढ़े आठ बजे तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व में भी पिंजरे में कैद हुआ था तेंदुआ
जाखनी उप्रेती गांव में 11 मई को सात साल की बच्ची शशिकला पर हमला करने के सप्ताह के भीतर ही एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ था। तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। इसके कुछ ही दिन बाद चार साल के बच्चे की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। इस बार भी दूसरे तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बावजूद कई ग्रामीण आशंकित हैं।


पूर्व में भी दो बार दिखाई दिया तेंदुआ
पिंजरे में कैद हहुए तेंदुए के ही हमलावर होने की संभावना जताई जा रही है। तेंदुआ रात साढ़े आठ बजे पिंजरे में कैद हुआ है। गितोड़ तोक में बालक यश पर भी हमला करीब इसी समय में हुआ था। रेंजर मनोज सनवाल ने बताया कि ग्रामीणों ने पूर्व में दो बार उक्त तेंदुए को देखा है। तेंदुआ घटनास्थल से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर पिंजरे में कैद हुआ है। पिंजरे में कैद तेंदुए को अन्यत्र भेजा जाएगा।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed