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थल में रसोईगैस के लिए प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 02 Dec 2015 04:07 PM IST
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दो महीने से रसोईगैस सिलेंडरों का वितरण न होने से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बुधवार को यहां प्रदर्शन किया और तीन दिन के भीतर सप्लाई सामान्य न होने पर उग्र आंदोलन की धमकी दी है। रसोईगैस की किल्लत के चलते लोग फिर से लकड़ी के चूल्हों को जलाने लग गए हैं। थल के लिए रसोईगैस की सप्लाई डीडीहाट एजेंसी से होती है। गैस एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट से कम सप्लाई होने के कारण कुमाऊं के तमाम नगरों में इस समय रसोईगैस का संकट पैदा हो गया है।
सांसद प्रतिनिधि कमल कन्याल के नेतृत्व में एकत्रित उपभोक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार रसोईगैस वितरण की व्यवस्था को ठीक नहीं कर पा रहा है। लोगों को लंबे समय से भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से स्थिति इस तरह बिगड़ गई है कि कभी भी समय पर गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण अंचलों में तो लोग किसी तरह गुजारा कर रहे हैं लेकिन नगरों और कस्बों में ईंधन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं होती। प्रदर्शन में देवराज सत्याल, भूपेंद्र सत्याल, लक्ष्मण सिंह अलमिया, मोनू सत्याल, प्रवीण कार्की, सुनील सत्याल, सरुली देवी, राजू मेहता, नवीन कार्की, कवींद्र कन्याल, नारायण सिंह पंचपाल आदि शामिल थे।
जंगलों पर दबाव बढ़ने का खतरा
रसोईगैस के संकट के कारण जंगलों पर दबाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रसोईगैस न मिलने के कारण लकड़ी के चूल्हे जलाने लगे हैं। यदि सरकार जल्दी ही स्थिति को नहीं संभालती तो इसके दुष्परिणाम सामने आने लगेंगे। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
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आनलाइन बुकिंग बंद की जाए
पूर्वसैनिक विकास संघर्ष समित मड़मानले के अध्यक्ष किशन सिंह धामी ने ग्रामीण अंचलों में आनलाइन बुकिंग बंद करने की मांग की है। उपभोक्ताओं को पहले की तरह काउंटर बुकिंग की सुविधा मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन का नेटवर्क नहीं रहता और अधिकांश लोगों को रसोईगैस को आनलाइन बुक करने का तरीका भी नहीं आता।
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सांसद प्रतिनिधि कमल कन्याल के नेतृत्व में एकत्रित उपभोक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार रसोईगैस वितरण की व्यवस्था को ठीक नहीं कर पा रहा है। लोगों को लंबे समय से भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से स्थिति इस तरह बिगड़ गई है कि कभी भी समय पर गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण अंचलों में तो लोग किसी तरह गुजारा कर रहे हैं लेकिन नगरों और कस्बों में ईंधन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था संभव नहीं होती। प्रदर्शन में देवराज सत्याल, भूपेंद्र सत्याल, लक्ष्मण सिंह अलमिया, मोनू सत्याल, प्रवीण कार्की, सुनील सत्याल, सरुली देवी, राजू मेहता, नवीन कार्की, कवींद्र कन्याल, नारायण सिंह पंचपाल आदि शामिल थे।
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जंगलों पर दबाव बढ़ने का खतरा
रसोईगैस के संकट के कारण जंगलों पर दबाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रसोईगैस न मिलने के कारण लकड़ी के चूल्हे जलाने लगे हैं। यदि सरकार जल्दी ही स्थिति को नहीं संभालती तो इसके दुष्परिणाम सामने आने लगेंगे। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
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आनलाइन बुकिंग बंद की जाए
पूर्वसैनिक विकास संघर्ष समित मड़मानले के अध्यक्ष किशन सिंह धामी ने ग्रामीण अंचलों में आनलाइन बुकिंग बंद करने की मांग की है। उपभोक्ताओं को पहले की तरह काउंटर बुकिंग की सुविधा मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन का नेटवर्क नहीं रहता और अधिकांश लोगों को रसोईगैस को आनलाइन बुक करने का तरीका भी नहीं आता।