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झूलाघाट में महाकाली उफान पर, खतरा बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट/धारचूला
Updated Fri, 01 Jul 2016 10:46 PM IST
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झूलापुल के करीब तक पहुंचा महाकाली का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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लगातार हो रही भारी बारिश से महाकाली का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिससे झूलाघाट में नदी के किनारे स्थित दुकानों को गंभीर खतरा हो गया है। झूलाघाट में नदी के किनारे स्थित टीकाराम नरियाल के मकान को खाली करा दिया है। झूलापुल के पास स्थित रघुवर गड़कोटी के मकान को भी खाली करने के आदेश हो गए हैं।
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महाकाली के रुख को देखकर लोगों को जून 2013 का मंजर याद आ रहा है। महाकाली का जलस्तर शुक्रवार को 889 मीटर रिकार्ड किया गया। अब नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई है। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है, यदि रात में बारिश होती है तो नदी खतरे के निशान तक पहुंच जाएगी।
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गोरी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। गोरी में खतरे का निशान 607 मीटर पर लगा है। शुक्रवार सुबह गोरी 607 मीटर को पार कर गई है। जिले की सभी छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं। इनको पार कर पाना कठिन हो रहा है। जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है।
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झूलाघाट के थाना प्रभारी रोहतास सागर ने बताया कि काली के किनारे के सभी गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। झूलाघाट में एसडीआरएफ की टीम तैनात है। उधर, नेपाल में भी महाकाली का जलस्तर बढ़ने से खतरा मंडराने लगा है। नदी अचानक विकराल रूप ले चुकी है। धारचूला, जौलजीबी में भी खतरा बढ़ रहा है। गोरी नदी ने अपना प्रचंड रूप दिखा दिया है।
मलबे में दबकर साधु की मौत
पिथौरागढ़। चर्मा मंदिर में रहने वाले साधु श्याम बाबा की मलबे की चपेट में आकर मौत हो गई। पुलिस ने देर शाम उनके शव का पंचनामा भरकर उनको समाधि बनाकर दफना दिया है। पुलिस कार्यालय के अनुसार बाबा भी बृहस्पतिवार रात मलबे की चपेट में आ गए थे। उनका शव शुक्रवार सुबह मलबे से निकाला गया। पुलिस ने बस्तड़ी में मरे सभी छह लोगों और पत्थरकोट में मरे एक व्यक्ति के शव का पंचनामा मौके पर ही भर दिया है। शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए हैं। यह काम देर शाम तक जारी रहा।
नेपाल के दार्चुला में मलबे में दबकर दो मरे
बैतड़ी/झूलाघाट (पिथौरागढ़)। भारी बारिश से पश्चिमी नेपाल के पर्वतीय जिलों में भी तबाही मचने लगी है। दार्चुला (नेपाल) के पुलिस अधीक्षक सुशील सिंह राठौर ने बताया कि दार्चुला जिले के मल्लिकार्जुन वार्ड के वार्ड संख्या आठ भौतड़ी गांव की बसंती धामी और सरमोली वार्ड के वार्ड संख्या 4 के बसौड़ी गांव निवासी शिवदत्त पंत की मलबे में दबकर मौत हो गई। अपी नगरपालिका क्षेत्र में प्रेम सिंह महर की पत्नी बारिश के दौरान से लापता है। दार्चुला जिले के खरकड़ा, ओड़ीगांव, उकू, न्यूरानी, पंतवाली, हुनेनाथ, औतालेक, सरमोली, भगवती, डाडाकोट में भारी मलबा पट गया है। इन गांवों से जानमाल के नुकसान की सूचना जिला मुख्यालय नहीं पहुंची है। दार्चुला जिले की जौलजीबी पुलिस चौकी में मलबा आने से उसे वन विभाग के रेंज पोस्ट कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है।