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भारत-नेपाल को जोड़ने वाला झूलापुल बंद, लोग परेशान
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प्रशासन की टीम भारत-नेपाल को जोड़ने वाले पैदल पुल का निरीक्षण करते हुए। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल को जोड़ने वाले झूलापुल की बल्लियां मंगलवार सुबह अचानक टूट गईं। गनीमत रही कि इस दौरान मौके से कोई राहगीर नहीं गुजर रहा था। बल्लियां टूटने से पुल पर आवाजाही रोक दी गई। करीब आधे घंटे बाद पुल के दोनों ओर फंसे लोगों के लिए पुल को खोला गया। मरम्मत कार्य के कारण बुधवार को इस पुल पर आवाजाही बंद रहेगी।
अंग्रेजों ने पिथौरागढ़ और नेपाल के दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधूरा जिलों को जोड़ने के लिए पैदल पुल का निर्माण कराया था। पुल से दोनों देशों के सैकड़ों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। पुल का ऊपरी हिस्सा लोहे का है। पुल की सतह में लकड़ी की बल्लियां, तख्ते और टिन की चादर डाली गई हैं। उसके ऊपर डामर डाला गया है। पुल की मरम्मत का कार्य तीन वर्ष में एक बार किया जाता है लेकिन लोनिवि पिथौरागढ़ ने छह साल से पुल की मरम्मत कार्य नहीं किया है।
पुल की मरम्मत न होने के मामले को अमर उजाला ने 21 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मंगलवार सुबह 7:30 बजे पुल खुला था। आवागमन शुरू होते ही जोर की आवाज आई। इस पर मौके पर तैनात दोनों देशों के सुरक्षा जवानों ने जांच की तो पुल की बल्ली टूट चुकी थी। गनीमत रही कि तब वहां से कोई नहीं गुजर रहा था।
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करीब आधा घंटे आवागमन बंद करने के बाद व्यापार संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव जोशी ने लोनिवि, राजस्व विभाग समेत कई लोगों को घटना की सूचना दी। दोनों देशों के जवानों की मौजूदगी में दोबारा आवागमन शुरू किया गया। इस दौरान पुल के दोनों ओर फंसे लोगों को छोड़ा गया। दोपहर करीब 1:30 बजे फिर से पुल पर आवागमन बंद करने के बाद पुल की मरम्मत का का कार्य शुरू किया गया। उसके बाद पुल से आवागमन रोेक दिया गया।
लोनिवि के ईई जीसी तिवारी, एई रुचि जंगपांगी, कानूनगो नवीन चंद्र पांडे, राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया, एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अल्का वहां मौजूद रहे। पुल की लंबाई, चौड़ाई नापकर लोनिवि के अधिकारी स्टील पुल बनाने का प्रस्ताव बना रहे हैं।
झूलापुल की बल्लियां टूट गई हैं। बुधवार को पुल का निर्माण कार्य होगा। इस कारण यहां आवागमन बंद रहेगा। इस पर नेपाल के बैतड़ी प्रशासन ने भी अपनी सहमति जता दी है।
डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़
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अंग्रेजों ने पिथौरागढ़ और नेपाल के दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधूरा जिलों को जोड़ने के लिए पैदल पुल का निर्माण कराया था। पुल से दोनों देशों के सैकड़ों लोग रोजाना आवागमन करते हैं। पुल का ऊपरी हिस्सा लोहे का है। पुल की सतह में लकड़ी की बल्लियां, तख्ते और टिन की चादर डाली गई हैं। उसके ऊपर डामर डाला गया है। पुल की मरम्मत का कार्य तीन वर्ष में एक बार किया जाता है लेकिन लोनिवि पिथौरागढ़ ने छह साल से पुल की मरम्मत कार्य नहीं किया है।
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पुल की मरम्मत न होने के मामले को अमर उजाला ने 21 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मंगलवार सुबह 7:30 बजे पुल खुला था। आवागमन शुरू होते ही जोर की आवाज आई। इस पर मौके पर तैनात दोनों देशों के सुरक्षा जवानों ने जांच की तो पुल की बल्ली टूट चुकी थी। गनीमत रही कि तब वहां से कोई नहीं गुजर रहा था।
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करीब आधा घंटे आवागमन बंद करने के बाद व्यापार संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव जोशी ने लोनिवि, राजस्व विभाग समेत कई लोगों को घटना की सूचना दी। दोनों देशों के जवानों की मौजूदगी में दोबारा आवागमन शुरू किया गया। इस दौरान पुल के दोनों ओर फंसे लोगों को छोड़ा गया। दोपहर करीब 1:30 बजे फिर से पुल पर आवागमन बंद करने के बाद पुल की मरम्मत का का कार्य शुरू किया गया। उसके बाद पुल से आवागमन रोेक दिया गया।
लोनिवि के ईई जीसी तिवारी, एई रुचि जंगपांगी, कानूनगो नवीन चंद्र पांडे, राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनिया, एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अल्का वहां मौजूद रहे। पुल की लंबाई, चौड़ाई नापकर लोनिवि के अधिकारी स्टील पुल बनाने का प्रस्ताव बना रहे हैं।
झूलापुल की बल्लियां टूट गई हैं। बुधवार को पुल का निर्माण कार्य होगा। इस कारण यहां आवागमन बंद रहेगा। इस पर नेपाल के बैतड़ी प्रशासन ने भी अपनी सहमति जता दी है।
डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़