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जून में शुरू होगी भारत-तिब्बत व्यापार की प्रक्रिया

Wed, 18 May 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Wed, 18 May 2016 11:14 PM IST
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Indo-Tibetan trade process starts in June
भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार - फोटो : अमर उजाला

भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार की प्रक्रिया जून में शुरू होगी। प्रशासन ने इस बार जून के प्रथम सप्ताह तक सभी व्यापारियों को ट्रेड परमिट जारी करने का निर्णय लिया है, ताकि व्यापारी तिब्बत की मंडी तकलाकोट समय पर जा सकें। पिछले साल तक व्यापारी प्रशासन की लेटलतीफी के कारण जुलाई में तिब्बत की मंडी को रवाना होते थे। इस बार तिब्बत की मंडी में गुड़ और मिश्री का निर्यात नहीं होगा। चीन सरकार ने खुली सामग्री बेचने, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित न होने वाली सामग्री को तकलाकोट में बेचने पर रोक लगा दी है। इसकी जानकारी वर्ष 2015 में भारत-तिब्बत व्यापार में भाग लेने गए व्यापारियों को दे दी गई थी।

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एसडीएम संतोष कुमार पांडे के साथ हुई बैठक में भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सदस्यों ने समस्याएं रखी। एसडीएम ने कहा कि इस बार व्यापारियों के लिए ट्रेड पास के आवेदन आने शुरू हो गए हैं। देहरादून से व्यापारियों के औपचारिक सत्यापन के बाद सभी व्यापारियों को ट्रेड पास जारी कर दिए जाएंगे। एसडीएम ने उम्मीद जताई कि इस बार भी जून प्रथम सप्ताह तक सभी व्यापारियों को ट्रेड पास जारी कर दिए जाएंगे। भारत-तिब्बत व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली ने कहा कि व्यापारियों के चरित्र सत्यापन के लिए फाइल देहरादून जाती है, इसमें 15 दिन का समय लगता है, यदि समय रहते ट्रेड पास की कार्रवाई होगी तो व्यापारियों को अपना सामान लाने ले जाने में आसानी होगी। व्यापारी दौलत रायपा ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस बार व्यापारियों ने गुड़ और मिश्री के पैकेट नहीं बनाए हैं।
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इस कारण सामान ढोने वाले खच्चर स्वामियों के सामने रोजगार की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भारत-तिब्बत के पारंपरिक व्यापार को प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि यही एक व्यापार है, जिस कारण सीमांत के गांवों से युवा वर्ग का पलायन काफी हद तक रुका है। यदि व्यापार को प्रोत्साहन नहीं मिला तो सुविधाओं के अभाव में नई पीढ़ी का व्यापार से मोहभंग हो सकता है। जो सीमांत के भविष्य के लिए अच्छा नहीं  होगा। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि भारतीय मंडी गुंजी में व्यापारिक उद्देश्य की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए।

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