{"_id":"d16f500ea7a3a6dc8469e17f2237c10b","slug":"india-turned-to-mahakali-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत की ओर घूमी महाकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत की ओर घूमी महाकाली
ब्यूरो/अमर उजाला,/राजेश पंगरिया/ झूलाघाट /पिथौरागढ़
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले ठीक बीचोंबीच बहने वाली महाकाली का प्रवाह अब भारतीय इलाके की तरफ अधिक हो गया है। नदी का रुख बदलने से नेपाल में नदी के किनारे चौड़े मैदान नजर आ रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार पिछले तीन साल में महाकाली ने नेपाल की तरफ करीब 200 मीटर मैदान तैयार करवा दिया है। जून 2013 में आई आपदा के बाद झूलाघाट में जो विचित्र स्थिति सामने आ रही है उसे लेकर स्थानीय लोग चिंता में हैं।
महाकाली के किनारे बसे कानड़ी, सीम एवं बलतड़ी गांवों के पास रेत और पत्थर के जो ढेर लगे रहते थे, वह अब नजर नहीं आते। नदी लगातार किनारों को काटती जा रही है और भारतीय इलाके में तटों को समेटती जा रही है। खनन के कारण भी नदी के रुख में परिवर्तन आया है। अब तक इस गंभीर मसले की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया है। लोग चाहते हैं कि महाकाली को अपने परंपरागत रास्ते से बहने के लिए खनन का कारोबार बंद किया जाना चाहिए। साथ ही नदी के किनारे पक्के तटबंधों का निर्माण किया जाए। नेपाल की तरफ महाकाली से आपदा का खतरा लगातार कम होता जा रहा है।
सर्वे कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगे
एसडीएम अनुराग आर्य का कहना है कि कानड़ी, सीम और बलतड़ी गांवों में नदी के बदलते रुख का सर्वे कराने के लिए टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार इस मसले पर जो भी कदम उठाएगी, उस पर तत्काल अमल किया जाएगा।
विज्ञापन
विधायक ने शासन में उठाने की बात कही
विधायक विशन सिंह चुफाल को पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने नदी का रुख बदलने के कारण पैदा हो रही स्थितियों की जानकारी दी। विधायक का कहना है कि इस मामले को शासन के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
महाकाली के किनारे बसे कानड़ी, सीम एवं बलतड़ी गांवों के पास रेत और पत्थर के जो ढेर लगे रहते थे, वह अब नजर नहीं आते। नदी लगातार किनारों को काटती जा रही है और भारतीय इलाके में तटों को समेटती जा रही है। खनन के कारण भी नदी के रुख में परिवर्तन आया है। अब तक इस गंभीर मसले की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया है। लोग चाहते हैं कि महाकाली को अपने परंपरागत रास्ते से बहने के लिए खनन का कारोबार बंद किया जाना चाहिए। साथ ही नदी के किनारे पक्के तटबंधों का निर्माण किया जाए। नेपाल की तरफ महाकाली से आपदा का खतरा लगातार कम होता जा रहा है।
विज्ञापन
सर्वे कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजेंगे
एसडीएम अनुराग आर्य का कहना है कि कानड़ी, सीम और बलतड़ी गांवों में नदी के बदलते रुख का सर्वे कराने के लिए टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार इस मसले पर जो भी कदम उठाएगी, उस पर तत्काल अमल किया जाएगा।
विज्ञापन
विधायक ने शासन में उठाने की बात कही
विधायक विशन सिंह चुफाल को पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने नदी का रुख बदलने के कारण पैदा हो रही स्थितियों की जानकारी दी। विधायक का कहना है कि इस मामले को शासन के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।