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भारत-चीन सीमा पर हवा से भी रखी जा रही नजर
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पिथौरागढ़। भारत-चीन सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों के जवान चौकस निगाहें रखे गए हैं। सीमा पर जमीनी गश्त ही नहीं हवा से भी निगाह रखी जा रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद शुक्रवार को भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर ने सीमा के निकट उड़ान भरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ और खूनी झड़प के बाद इस बार भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस की गई है। जबरदस्त हिमपात और पारा माइनस से 25 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाने के बावजूद भारतीय सुरक्षा बलों के जांबाज सीमा सुरक्षा के लिए अग्रिम चौकियों में डटे हुए हैं। ड्रेगन की हर गतिविधि का जवाब देने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के जवान मिलम से लेकर लिपुलेख तक गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा समय-समय पर भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर भी सीमा के निकट उड़ान भरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात के बाद शुक्रवार को एक जेट फाइटर ने सीमा पर उड़ान भरी। इधर नेपाल सीमा पर भी सशस्त्र सीमा बल के जवान कालापानी तक सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद हैं। चार से पांच फुट हिमपात में भी दिन रात सीमा पर गश्त की जा रही है।
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लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ और खूनी झड़प के बाद इस बार भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस की गई है। जबरदस्त हिमपात और पारा माइनस से 25 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाने के बावजूद भारतीय सुरक्षा बलों के जांबाज सीमा सुरक्षा के लिए अग्रिम चौकियों में डटे हुए हैं। ड्रेगन की हर गतिविधि का जवाब देने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के जवान मिलम से लेकर लिपुलेख तक गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा समय-समय पर भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर भी सीमा के निकट उड़ान भरकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात के बाद शुक्रवार को एक जेट फाइटर ने सीमा पर उड़ान भरी। इधर नेपाल सीमा पर भी सशस्त्र सीमा बल के जवान कालापानी तक सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद हैं। चार से पांच फुट हिमपात में भी दिन रात सीमा पर गश्त की जा रही है।
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