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पांच दिन से भूख हड़ताल में बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मी को पड़ा माइनर हार्ड अटैक अस्पताल में भर्ती
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पांच दिन से भूख हड़ताल में बैठी स्वास्थ्य संविदा कर्मी को अस्पताल ले जाती प्रशासन की टीम।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य विभाग के एक संविदा कर्मी को मंगलवार को एकाएक दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इधर एक अन्य आंदोलनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज होने पर उसे भी अस्पताल में भर्ती किया गया है। आंदोलनकारियों ने शासन प्रशासन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया है। आंदोलनकारियों ने सरकार और जिला प्रशासन से फिर से नियुक्ति देने की मांग की है। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग के निकाले गए संविदा कर्मी दोबारा नियुक्ति के लिए रामलीला मैदान टकाना में भूख हड़ताल कर रहे हैं। दोबारा नियुक्ति की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे बैठे डिगर खड़ायत को मंगलवार को माइनर हार्ट अटैक पड़ा। इसकी सूचना के बाद शासन-प्रशासन के बाद हाथ-पांव फूल गए और डिगर खड़ायत को जिला अस्पताल ले जाया गया।
प्रभारी पीएमएस डॉ. नरेंद्र ने बताया कि डिगर की हालत में अब सुधार है। आंदोलन पर बैठी दूसरी आंदोलनकारी दीपा राणा के भी कमजोरी और स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज करने के बाद उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया है।
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मंत्रियों ने दिया कोरा आश्वासन : आंदोलनकारी
आंदोलनकारियों का कहना है कि कोरोना काल में काम कराने के बाद बिना वेतन दिए गए उन्हें निकाल दिया। पूर्व में उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया।
इसके बाद सीएम कैबिनेट मंत्री और विधायक के आश्वासन पर उन्होंने आंदोलन खत्म किया लेकिन नियुक्ति न होने पर उन्होंने पांच दिन पूर्व भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने जान हथेली पर रखकर कार्य किए। काम पूरा होने के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बिना वेतन दिए निकाल दिया।
चिकित्सकों ने आंदोलनकारी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। उनकी सलाह के बाद आंदोलनकारी को जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है।
- पंकज चंदोला, तहसीलदार पिथौरागढ़।
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स्वास्थ्य विभाग के निकाले गए संविदा कर्मी दोबारा नियुक्ति के लिए रामलीला मैदान टकाना में भूख हड़ताल कर रहे हैं। दोबारा नियुक्ति की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे बैठे डिगर खड़ायत को मंगलवार को माइनर हार्ट अटैक पड़ा। इसकी सूचना के बाद शासन-प्रशासन के बाद हाथ-पांव फूल गए और डिगर खड़ायत को जिला अस्पताल ले जाया गया।
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प्रभारी पीएमएस डॉ. नरेंद्र ने बताया कि डिगर की हालत में अब सुधार है। आंदोलन पर बैठी दूसरी आंदोलनकारी दीपा राणा के भी कमजोरी और स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज करने के बाद उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया है।
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मंत्रियों ने दिया कोरा आश्वासन : आंदोलनकारी
आंदोलनकारियों का कहना है कि कोरोना काल में काम कराने के बाद बिना वेतन दिए गए उन्हें निकाल दिया। पूर्व में उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया।
इसके बाद सीएम कैबिनेट मंत्री और विधायक के आश्वासन पर उन्होंने आंदोलन खत्म किया लेकिन नियुक्ति न होने पर उन्होंने पांच दिन पूर्व भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने जान हथेली पर रखकर कार्य किए। काम पूरा होने के बाद उन्हें दूध से मक्खी की तरह बिना वेतन दिए निकाल दिया।
चिकित्सकों ने आंदोलनकारी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। उनकी सलाह के बाद आंदोलनकारी को जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है।
- पंकज चंदोला, तहसीलदार पिथौरागढ़।