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जाम में जकड़ा गणाईगंगोली कस्बा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 06 Nov 2015 10:33 PM IST
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अल्मोड़ा और बागेश्वर की सीमा पर बसे गणाईगंगोली कस्बे को विकास के किरणों की दरकार है। कभी गंगोलीहाट तहसील का हिस्सा रहे गणाईगंगोली को आज तहसील का दर्जा प्राप्त है। पॉलीटेक्निक कालेज भी कस्बे में खुला है, लेकिन जिले का यह पुराना कस्बा हर समय जाम में जकड़ा रहता है।
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वर्ष 1951 में गणाई, गौनियागाड़ में दुकानें खुली। 1962 के बाद सड़क पहुंची, आज कस्बे में 270 दुुकानें हैं, इन दुकानों में जरूरत का हर सामान मिल जाता है। बात गणाईगंगोली कस्बे की सुविधाओं की करें तो गोनियागाड़ में सड़क संकरी होने के कारण बाजार में घंटों जाम लगता है, गणाई में भी स्थिति ऐसी ही है। टैक्सी स्टैंड न होने से बाजार में टैक्सियां खड़ी होती हैं। जाम की स्थिति ऐसी है कि इन दिनों बेड़ीनाग थाने से दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी यातायात नियंत्रण के लिए लगाई गई है। कस्बे में ग्राहकों, यात्रियों के लिए शौचालय की व्यवस्था तक नहीं है। रात में प्रकाश की कोई सुविधा नहीं है। कस्बे के व्यापारियों में टैक्स लेने के बाद भी जिला पंचायत की ओर से कोई सुविधा न देने पर नाराजगी है। इलाके के लोग कस्बे में सुविधा बढ़ाने के साथ ही गणाईगंगोली को पृथक विकासखंड का दर्जा मिलने की पुरजोर मांग करते हैं। कहते हैं कि विकासखंड गंगोलीहाट होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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