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स्टोव जलाते समय बालिका झुलसी, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:37 PM IST
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सावित्री रौंकली
- फोटो : अमर उजाला
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स्टोव में आग लगने से खोतिला निवासी एक बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। उसे प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा, जहां उसकी मौत हो गई।
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खोतिला निवासी सावित्री रौंकली (12) पुत्री स्वर्गीय पूरन रौंकली मंगलवार सुबह करीब 11 बजे रसोई गैस में खाना बना रही थी। इसी दौरान सिलिंडर में गैस खत्म हो गई। इस पर उसने स्टोव जलाने के लिए माचिस जलाई तो स्टोव में आग लग गई और सावित्री आग की लपटों से घिर गई। सावित्री की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी वीरेंद्र ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी सावित्री को लोग संयुक्त चिकित्सालय धारचूला लेकर आए, जहां डॉ. आनस आलम, डॉ. मोहम्मद फुरकान ने उसका प्राथमिक इलाज किया।
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डाक्टरों ने बताया कि सावित्री 80 प्रतिशत जली थी। उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने सावित्री को हल्द्वानी ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग प्रशासन से की। एसडीएम आरके पांडेय ने सावित्री को हल्द्वानी ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया। करीब सवा चार बजे उसे हल्द्वानी ले जाया गया, जहां शाम करीब सवा छह बजे सावित्री की मौत हो गई।
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सड़क क्षतिग्रस्त होने से नहीं जा रहे सिलिंडर के वाहन
दो जुलाई को खोतिला जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे रसोई गैस के सिलिंडरोें के वाहन खोतिला नहीं जा पा रहे हैं। सावित्री के पिता का निधन हो चुका है। मां बसंती देवी खेती के काम से गांव रौंगकांग गई हैं। सावित्री दादी गुदली देवी के साथ रहती हैं। सावित्री के परिवार के पास एक ही सिलिंडर है। रसोई गैस का वाहन आने पर वह सिलिंडर बदल लेतीं थीं। लोगों का कहना है कि सड़क ठीक होती तो, सावित्री के परिवार को समय पर गैस मिल जाती और हादसा बच सकता था।