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हिमचूली में घाम लाग्यो, देउराली को डांडू बटी...
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:26 PM IST
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जौलजीबी में रं संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम पेश करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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जौलजीबी मेले में रविवार रात नेपाली गायिका नैनसी ऐतवाल ने कई गीत पेश किए। उन्होंने-हिमचूली में घाम लाग्यो, देउराली को डांडू बटि, कस्ले भुलायूं, गीत पेश किया तो दर्शक अपनी सीटों पर ही नाचने लगे। उन्होंने लोकप्रिय नेपाली गीत-फूल फूल्यो र माया ले पायो भी पेश किया। बाद में उन्होंने दर्शकों का दिल जीतने के लिए हिंदी गीत-तुमसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान है, प्रस्तुत किया।
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जौलजीबी मेले के पांचवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। ऐंजल्स कान्वेंट स्कूल धारचूला, सनराइज स्कूल धारचूला, शिशु मंदिर बलुवाकोट, विद्यामंदिर बलुवाकोट, जीआईसी बरम आदि विद्यालयों के बच्चों ने राष्ट्र भक्ति के अलावा कुमाऊंनी, गढ़वाली गीत पेश किए। आमंत्रित दलों में सुरेश प्रसाद सुरीला के गीत-हफ्ता में एक इतवार को दिन टेलीफोन करुंलो‘ गीत पर दर्शक खूब झूमे। रूपकुंड सांस्कृतिक दल के किशन सिंह दानू ने-मां नंदा तू सुनंदा तू दैण है जाए और जै हो मां नंदा भवानी गीत पेश कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। स्थानीय कलाकारों को भी बीच-बीच में मौका दिया गया। इसमें महिला हथकरघा एवं बुनकर संस्था ने लीला बनंग्याल के नेतृत्व में रं संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दी।
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कार्यक्रम में तहसीलदार आईबी मल्ल ने बताया कि मेले में स्थानीय कलाकारों को भी पूरा समय दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद विधायक हरीश धामी ने कलाकारों को पुरस्कार दिए। इस मौके पर शकुंतला दताल, ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, कैलाश रावत आदि मौजूद थे। मेले में अब भीड़ बढ़ने लगी है। नेपाल से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंच रहे हैं।
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