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Pithoragarh: बड़ा कैलाश पर्वत दर्शन के लिए गुंजी पहुंचे पांच यात्री, आदि कैलाश और ओम पर्वत की करेंगे यात्रा
Thu, 03 Oct 2024 02:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद
Updated Thu, 03 Oct 2024 02:15 PM IST
सार
ओल्ड लिपुपास से बड़ा कैलाश दर्शन योजना के तहत बुधवार को पांच यात्री नैनीसैनी हवाई पट्टी पिथौरागढ़ से 11 बजकर 10 मिनट में गुंजी पहुंच गए है। मौसम के अनुसार बृहस्पतिवार को इन पांच यात्रियों को आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा कराई जाएगी।
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ओल्ड लिपुपास से कैलाश दर्शन के लिए गुंजी पहुंचे यात्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत सरकार और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा संचालित ओल्ड लिपुपास से बड़ा कैलाश दर्शन योजना के तहत बुधवार को पांच यात्री नैनीसैनी हवाई पट्टी पिथौरागढ़ से 11 बजकर 10 मिनट में गुंजी पहुंच गए है। गुंजी में यात्रियों के व्यवस्था के लिए जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या भी मंगलवार को सड़क मार्ग से गुंजी पहुंच गए है। उन्होंने बताया कि पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात के पांच यात्री इस यात्रा में शामिल हैं। यात्रियों का बुधवार को रात्रि विश्राम ग्राम नाबी के होम स्टे में होगा। मौसम के अनुसार बृहस्पतिवार को इन पांच यात्रियों को आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा कराई जाएगी।
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ओल्ड लिपुपास (18300 फुट) से तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत के दर्शन होते हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्ष 2019 से बंद होने के बाद बड़ी संख्या में लोग कैलाश दर्शन के इच्छुक हैं। इसको देखते हुए सरकार ने कैलाश दर्शन योजना संचालित की है।
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बीआरओ ने कुछ महीने पूर्व नाभीढांग से लिपुलेख तक सड़क तैयार कर ली है। इसके चलते यात्रियों को वर्तमान समय में लिपुपास की चोटी तक पहुंचने के लिए मात्र 200 मीटर ही खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। इसके बाद यहां से कैलाश के दर्शन होते हैं। पूर्व में स्थानीय लोगों को पूजा अर्चना के लिए दो किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़कर लिपुलेक की चोटी में जाना पड़ता था।