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आखिरकार लीलम पहुंच ही गई एलिजाबेथ
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Wed, 29 Mar 2017 10:25 PM IST
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परिजनों के साथ लीलम में घटनास्थल पर पहुंची एलिजाबेथ
- फोटो : अमर उजाला
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अमेरिका की एलिजाबेथ आखिरकार अपने बेटे को श्रद्धांजलि देने के लिए लीलम पहुंच ही गई। 22 सितंबर 2011 को नंदादेवी बेस कैंप से लौटते समय लीलम से थोड़ा आगे मालचू नामक स्थान पर एलिजाबेथ का 18 वर्षीय बेटा थॉमस गोरी में गिर गया था। उसे श्रद्धांजलि देने के लिए अमेरिका से यहां पहुंची एलिजाबेथ और परिवार के अन्य सदस्यों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने थॉमस को श्रद्धांजलि दी। अपने धर्म और परंपरा के अनुसार घटनास्थल पर पूजा-अर्चना की।
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62 वर्षीय एलिजाबेथ ने बताया कि घटनास्थल की स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि वहां से गोरी में गिरने वाले का जीवित रह पाना संभव नहीं है। घटनास्थल पर एलिजाबेथ अपने बेटे की याद में एक स्मारक भी बनाने वाली हैं। अमेरिका से थॉमस के पिता बैरी, मौसी सारा, चचेरी बहन सोफिया, दोस्त डेविड भी लीलम पहुंचे हैं। यह लोग एक-दो दिन तक लीलम में रहेंगे।
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थॉमस की खोजबीन के लिए सितंबर 2011 में तहसील प्रशासन ने एक महीने तक अभियान चलाया, लेकिन गोरी के तेज प्रवाह में उसे ढूंढ पाना संभव नहीं हो पाया। अब तक परिवार के लोग इसी उम्मीद में थे कि शायद थॉमस के जीवित होने के बारे में कोई सूचना मिल जाए, लेकिन जब सभी तरफ से निराशा हो गई तो इन लोगों ने थॉमस को मृत मान लिया।
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