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Pithoragarh News: वर्कशॉप में खड़ी हैं रोडवेज की आठ बसें, यात्री बेबस
Sat, 05 Jul 2025 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 05 Jul 2025 11:15 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले में रोडवेज की बस सेवा पटरी पर नहीं आ पा रही है। पुरानी और खटारा बसों में आए दिन खराबी आ रही है और इसे दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि खराबी के चलते आठ बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं और डिपो स्पेयर पार्ट्स का इंतजार कर रहा है। बसों में खराबी के चलते सड़कों पर इनकी कमी हो गई है। इससे यात्री बेबस होकर टैक्सी में सफर करने के लिए मजबूर हैं।
पिथौरागढ़ डिपो के पास 84 बसों का बेड़ा है। इनमें 21 नई और 63 पुरानी बसें शामिल हैं। नई बसों को सिर्फ दिल्ली रूट पर संचालित किया जा रहा है और अन्य रूटों पर संचालित पुरानी बसों में आए दिन खराबी आ रही है। खराबी के चलते आठ बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। खराबी को दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। इसकी मार निगम और यात्रियों को सहनी पड़ रही है।
डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक, बसों की खराबी दूर करने के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स की मांग करने के बाद भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में आए दिन बीच राह में यात्रियों को धोखा दे रहीं बसों की खराबी को ठीक करना डिपो के लिए चुनौती बन गया है। बसों के ऑफ रूट होने पर यात्रियों को टैक्सी के भरोसे सफर करना पड़ रहा है। संवाद
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बसों के लिए टायरों की भी कमी
रोडवेज बसों के लिए टायरों की भी कमी है। नए टायर न मिलने से पुराने टायरों के भरोसे बसों को संचालित करना पड़ रहा है। बीते दिनों देहरादून के लिए रवाना हुई बस का टायर घाट के पास फट गया। स्पेयर टायर यानि स्टेपनी न होने से बस आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में डिपो ने वर्कशॉप से बमुश्किल टायर की व्यवस्था कर इसे गंतव्य तक पहुंचाया।
कोट
स्पयेर पार्ट्स की आपूर्ति टनकपुर से होती है। टनकपुर वर्कशॉप में स्टोर इंचार्ज न होने से समय पर स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। डिपो यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए बसों की खराबी को दूर कर रहा है। - दीपक ज्याला, फोरमैन, पिथौरागढ़ डिपो।
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पिथौरागढ़ डिपो के पास 84 बसों का बेड़ा है। इनमें 21 नई और 63 पुरानी बसें शामिल हैं। नई बसों को सिर्फ दिल्ली रूट पर संचालित किया जा रहा है और अन्य रूटों पर संचालित पुरानी बसों में आए दिन खराबी आ रही है। खराबी के चलते आठ बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। खराबी को दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। इसकी मार निगम और यात्रियों को सहनी पड़ रही है।
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डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक, बसों की खराबी दूर करने के लिए जरूरी स्पेयर पार्ट्स की मांग करने के बाद भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में आए दिन बीच राह में यात्रियों को धोखा दे रहीं बसों की खराबी को ठीक करना डिपो के लिए चुनौती बन गया है। बसों के ऑफ रूट होने पर यात्रियों को टैक्सी के भरोसे सफर करना पड़ रहा है। संवाद
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बसों के लिए टायरों की भी कमी
रोडवेज बसों के लिए टायरों की भी कमी है। नए टायर न मिलने से पुराने टायरों के भरोसे बसों को संचालित करना पड़ रहा है। बीते दिनों देहरादून के लिए रवाना हुई बस का टायर घाट के पास फट गया। स्पेयर टायर यानि स्टेपनी न होने से बस आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में डिपो ने वर्कशॉप से बमुश्किल टायर की व्यवस्था कर इसे गंतव्य तक पहुंचाया।
कोट
स्पयेर पार्ट्स की आपूर्ति टनकपुर से होती है। टनकपुर वर्कशॉप में स्टोर इंचार्ज न होने से समय पर स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। डिपो यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए बसों की खराबी को दूर कर रहा है। - दीपक ज्याला, फोरमैन, पिथौरागढ़ डिपो।