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Uttarakhand: चलता रहा कार्यक्रम, कुर्सियां होती गईं खाली; सांसद बोले- पिथौरागढ़ को आईटी हब बनाने का सपना
Fri, 08 Mar 2024 04:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Updated Fri, 08 Mar 2024 04:26 PM IST
सार
पिथौरागढ़ में सांसद अजय टम्टा ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ को आईटी हब के रूप में विकसित करने और पिथौरागढ़ में वेडिंग टूरिज्म को बढ़ावा देने का सपना है। जल्द ही इसके लिए वह प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।
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सांसद अजय टम्टा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिथौरागढ़ में सांसद अजय टम्टा ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ को आईटी हब के रूप में विकसित करने और पिथौरागढ़ में वेडिंग टूरिज्म को बढ़ावा देने का सपना है। जल्द ही इसके लिए वह प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि टनकपुर से बागेश्वर रेल लाइन, सेराघाट-गंगोलीहाट और अल्मोड़ा तक सुगमता यातायात के लिए सभी सड़कों को डबल लेन बनाया जाएगा। इस दौरान सांसद ने अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से तीसरी बार प्रत्याशी बनाने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार जताया।
डीएम ने जताया आभार
पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएम रीना जोशी ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों का शिलान्यास हुआ है। उन कार्यों को उन कार्यों को प्राथमिकता से शुरू कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा से सजी उच्च हिमालयी क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे आकर्षण बने रहे।
इनकी रही मौजूदगी
पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में दायित्वधारी गणेश भंडारी, जिपं उपाध्यक्ष कोमल मेहता, महामंत्री राकेश देवलाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सीडीओ नंदन कुमार, डीडीओ रमा गोस्वामी, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, महिलाएं आदि मौजूद रहे।
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चलता रहा कार्यक्रम, कुर्सियां होती गईं खाली
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए थे। कार्यक्रम के देरी से शुरू होने और तेज धूप के कारण कार्यक्रम में मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद सांसद को भी गर्मी से बचने के लिए तीन बार कुर्सी पीछे करनी पड़ी। लोग पीएम का वर्चुअल संबोधन शुरू होने से पहले जाते रहे। अंत में सिर्फ अधिकारी ही संबोधन को सुनते रहे।
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डीएम ने जताया आभार
पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में डीएम रीना जोशी ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों का शिलान्यास हुआ है। उन कार्यों को उन कार्यों को प्राथमिकता से शुरू कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा से सजी उच्च हिमालयी क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे आकर्षण बने रहे।
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इनकी रही मौजूदगी
पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में दायित्वधारी गणेश भंडारी, जिपं उपाध्यक्ष कोमल मेहता, महामंत्री राकेश देवलाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, सीडीओ नंदन कुमार, डीडीओ रमा गोस्वामी, जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्य के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, महिलाएं आदि मौजूद रहे।
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चलता रहा कार्यक्रम, कुर्सियां होती गईं खाली
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए थे। कार्यक्रम के देरी से शुरू होने और तेज धूप के कारण कार्यक्रम में मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद सांसद को भी गर्मी से बचने के लिए तीन बार कुर्सी पीछे करनी पड़ी। लोग पीएम का वर्चुअल संबोधन शुरू होने से पहले जाते रहे। अंत में सिर्फ अधिकारी ही संबोधन को सुनते रहे।
गुंजी में प्रस्तावित स्वदेश दर्शन 2.0 योजना का विरोध
इस बीच गुंजी में प्रस्तावित स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत कैलाश धाम विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से जमीन के अधिग्रहण और निर्माण का गुंजी के ग्रामीणों ने विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में लोगों ने कहा कि पर्यटन विभाग ने गुंजी मनीला में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इसमें ग्राम पंचायत गुंजी की गौचर भूमि के साथ ही व्यास घाटी के ऐतिहासिक पारंपरिक आस्था के केंद्र और राजि जनजाति की भावनाओं से जुड़ी भूमि व्यास ऋषि घुड़दौड़ मैदान को चिह्नित किया गया है। स्थानीय लोगों की सलाह लिए बगैर जमीन का अधिग्रहण करने से रं जनजाति की भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि गुंजी शिवधाम के नाम पर भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय भी उचित नहीं है। जिस पहाड़ के कंकड़, पत्थर-पत्थर में साक्षात शिव का निवास हो, ऐसे स्थान पर विशालकाय मूर्ति बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना 2.0 को रद्द करने की मांग की है। वहां व्यास जनजाति संघर्ष समिति के राजेंद्र नबियाल,व्यास ऋषि मेला कमेटी, आदि कैलाश टैक्सी ऑनर्स सोसाइटी, ग्राम प्रधान गुंजी, बीडीसी सदस्य बूंदी आदि मौजूद रहे।
1962 के युद्ध में किया था सेना का सहयोग
पिथौरागढ़ सीमांत के लोगों ने कहा कि उन्होंने और उनके पूर्वजों ने सदियों से सीमा की रक्षा की है। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय सेना का सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि सीमांत के लिए सतत जवाबदेही वाला पर्यटन मॉडल अपनाया जाए। पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण की रक्षा और संतुलन बनाते हुए निर्माण कार्य करने की मांग की है।
इस बीच गुंजी में प्रस्तावित स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत कैलाश धाम विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से जमीन के अधिग्रहण और निर्माण का गुंजी के ग्रामीणों ने विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में लोगों ने कहा कि पर्यटन विभाग ने गुंजी मनीला में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इसमें ग्राम पंचायत गुंजी की गौचर भूमि के साथ ही व्यास घाटी के ऐतिहासिक पारंपरिक आस्था के केंद्र और राजि जनजाति की भावनाओं से जुड़ी भूमि व्यास ऋषि घुड़दौड़ मैदान को चिह्नित किया गया है। स्थानीय लोगों की सलाह लिए बगैर जमीन का अधिग्रहण करने से रं जनजाति की भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि गुंजी शिवधाम के नाम पर भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय भी उचित नहीं है। जिस पहाड़ के कंकड़, पत्थर-पत्थर में साक्षात शिव का निवास हो, ऐसे स्थान पर विशालकाय मूर्ति बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना 2.0 को रद्द करने की मांग की है। वहां व्यास जनजाति संघर्ष समिति के राजेंद्र नबियाल,व्यास ऋषि मेला कमेटी, आदि कैलाश टैक्सी ऑनर्स सोसाइटी, ग्राम प्रधान गुंजी, बीडीसी सदस्य बूंदी आदि मौजूद रहे।
1962 के युद्ध में किया था सेना का सहयोग
पिथौरागढ़ सीमांत के लोगों ने कहा कि उन्होंने और उनके पूर्वजों ने सदियों से सीमा की रक्षा की है। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय सेना का सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि सीमांत के लिए सतत जवाबदेही वाला पर्यटन मॉडल अपनाया जाए। पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण की रक्षा और संतुलन बनाते हुए निर्माण कार्य करने की मांग की है।