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कुवैत से अपने गांव सिर्दांग लौट रहीं डॉक्टरों बहनों की अच्छी पहल
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:24 PM IST
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कुवैत से अपने गांव सिर्दांग लौट रहीं डॉक्टरों बहनों की अच्छी पहल
- फोटो : अमर उजाला
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कुवैत से लौटकर अपने गांव सिर्दांग जा रही दो डॉक्टर बहनों ने यहां संयुक्त चिकित्सालय में मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाकर सैड़कों महिलाओं का इलाज किया। सिर्दांग गांव की डॉ. रश्मि ह्यांकी बख्शी और डॉ. भवानी ह्यांकी खुन्नू दस साल से कुवैत में स्त्री रोग और प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। इस बार दोनों बहनें अपने गांव सिर्दांग जा रही हैं। सिर्दांग जाने से पहले उन्होंने यहां चिकित्सा कैंप लगाया।
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दोनों बहनों ने कहा कि वे अब तक देश-विदेश में लोगों का इलाज कर चुकी हैं, लेकिन पहली बार अपने इलाके में अपनों के बीच आकर और उनका इलाज कर जिस सुख की अनुभूति हो रही है वह अन्यत्र नहीं मिल पाती।
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उन्होंने बताया कि यहां आने से पहले दोनों ने आरईएस के अधीक्षण अभियंता धीरेंद्र खुन्नू से संपर्क साधा और उनके सहयोग से चिकित्सा कैंप लगाने का फैसला लिया। स्थानीय अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. कुसुम भट्ट ने कैंप में अल्ट्रासाउंड की सुविधा और स्टाफ उपलब्ध कराया। कैंप में बड़ी संख्या में रोगियों के पहुंचने पर स्थानीय अस्पताल के डॉ. जगमोहन गर्ब्याल, डॉ. पूर्णिमा खुन्नू, डॉ. प्रियंका गर्ब्याल, डॉ. अनिल मार्छाल, डॉ. विजय फिरमाल, फार्मेसिस्ट देवेंद्र बोनाल, सामाजिक कार्यकर्ता महिराज गर्ब्याल, सेवानिवृत प्रधानाचार्य धनु खुन्नू आदि ने सुबह से ही मरीजों के पंजीकरण में मदद की।
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डॉ. रश्मि और डॉ. भवानी ने कहा है कि भविष्य में जब भी जन्मभूमि में आने का मौका मिलेगा. चिकित्सा कैंप जरूर लगाएंगी। एक दिवसीय इस कैंप को संपन्न कराने के बाद दोनों बहनें सिर्दांग गांव रवाना हो गई। बताया कि वहां वे पूजा-पाठ करेंगी और अपने रिश्तेदारों तथा परिजनों से मिलेंगी। रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल, महिमन ह्यांकी, दीवान सिंह पतियाल आदि ने चिकित्सा शिविर लगाने के लिए दोनों बहनों का आभार जताया। कहा कि सीमांत के लोगों को कुशल चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिला है।