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छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 28 Sep 2016 10:43 PM IST
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छात्रवृत्ति के मुद्दे पर प्रदर्शन करते ओबीसी छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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धारचूला एवं मुनस्यारी तहसील की जिन उपजातियों को शासन ने ओबीसी की श्रेणी में शामिल किया था उनके स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। आक्रोशित छात्रों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कहा कि प्रदेश सरकार को ओबीसी में शामिल किए गए विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का बजट तय करना चाहिए।
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भाजपा के पूर्व विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे विद्यार्थियों ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ओबीसी की सूची में तो शामिल कर दिया, लेकिन इन इलाकों के नौजवानों को न तो केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण मिल पा रहा है और न छात्रवृत्ति का लाभ ही उनको दिया जा रहा है। ओबीसी आरक्षण के दायरे में आने के बाद कई विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षण संस्थानों पर इस उम्मीद के साथ प्रवेश लिया था कि उनको अब वजीफा मिलने लगेगा, लेकिन उनको अब तक निराशा हाथ लगी है। प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान ने इस मामले में समाज कल्याण अधिकारी से जानकारी चाही तो पता चला कि शासन ने ओबीसी में शामिल नए विद्यार्थियों के लिए धनराशि स्वीकृत ही नहीं की है।
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समाज कल्याण विभाग हर बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज रहा है, लेकिन हर बार यह प्रस्ताव वापस आ जाता है। बताया गया कि ओबीसी में शामिल किए गए नए विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की कम से कम पांच करोड़ की राशि चाहिए, लेकिन जिले को इस मद में मात्र 35 लाख रुपये मिल रहे हैं। यह राशि भी सिर्फ उन विद्यार्थियों को ही दी जा रही है जो पहले से आरक्षण की श्रेणी में हैं। प्रदर्शन में धीरज बोरा, किशोर धामी, मनोहर दरियाल, उत्तम गिरी आदि में विद्यार्थी शामिल हुए।
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