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ग्रामीण अंचलों में गहराया पेयजल संकट
ब्यूरो/अमर उजाला,पिथौरागढ़
Updated Sat, 06 May 2017 11:06 PM IST
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पेयजल संकट
- फोटो : अमर उजाला
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विकासखंड मूनाकोट के बीसाबजेड़ जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत कई गांवों में पेयजल का संकट गहरा गया है। प्राकृतिक स्रोत सूखने लगे हैं और पेयजल लाइन टूटने से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य गोदावरी देवी ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
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पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत घुनसेरागांव के ग्राम डुंगरी के लिए सुकरो स्रोत से जो पेयजल लाइन बिछाई गई है, वह कई जगह टूट गई है। इस कारण इस योजना में पानी नहीं चल पा रहा है। ग्राम पंचायत मड़मानले के ग्राम मड़ और मानले में, ग्राम पंचायत गौंछ के कुसाण, बंदा ग्राम पंचायत के अखुली, ग्राम पंचायत गलात के झाड़पोखरा गांव में पेयजल का गंभीर संकट हो गया है। इन गांवों में अब तक लोग प्राकृतिक स्रोतों से गुजारा कर रहे थे। अब स्रोतों का पानी सूख गया है। इस कारण लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने सबसे पहले पानी की टूटी लाइन की मरम्मत करने की मांग की है, ताकि लोगों को थोड़ा पानी मिल जाए। इसके अलावा गांवों में वाहनों या टैंकरों से पानी बांटने की मांग की है।
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सिंचाई नहरें भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त
जिला पंचायत क्षेत्र बीसाबजेड़ के अंतर्गत मडगल, किरपट्टा, भूलीगांव, अखुुली, दिराड़ी के लिए बनाई गई सिंचाई नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इन नहरों में अब पानी नहीं चलता। जिला पंचायत सदस्य गोदावरी देवी ने सीडीओ को लिखे पत्र में मांग की है कि टूटी नहरों की शीघ्र मरम्मत की जाए और खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। पानी न होने से सब्जी का उत्पादन भी कम हो गया है।
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