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निजी अस्पतालों में तौल यंत्रों का अवैधानिक प्रयोग
Updated Thu, 23 Aug 2018 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। बाट माप विभाग की ओर से अस्पतालों और किराना दुकानों में प्रयोग होने वाली बेबी वेइंग मशीन, पर्सन वेइंग मशीनों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आधा दर्जन निजी अस्पतालों में यह बगैर मुहर की पाई गईं। इस पर अस्पतालों का चालान कर नोटिस जारी किए गए। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
बाट माप विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि 14 से 23 अगस्त तक अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। नगर क्षेत्र के सभी निजी अस्पतालों में सभी तौल यंत्र अवैधानिक रूप से प्रयोग करते हुए पाए गए। उन्होंने बताया कि कुछ अस्पतालों द्वारा जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए समझौता शुल्क और परीक्षण मुद्रांकन शुल्क जमा किया गया।
बताया कि ऐसे अस्पतालों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और सत्यापन फीस जमा कराई। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों द्वारा टीबी, हार्ट के मरीज और बच्चों को उनके वजन के हिसाब से दवा का डोज दिया जाता है। यदि अस्पतालों में तौल यंत्र ही सही नहीं होंगे तो मरीजों के साथ धोखा हो सकता है। अस्पताल संचालकों को नए तौल यंत्र खरीदने को कहा गया है।
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उपभोक्ताओं को नहीं दे रहे थे छूट का लाभ
पिथौरागढ़। बाट माप निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि शहर के विभिन्न मॉलों में घटतौली, पीसीआर, एमआरपी का भी निरीक्षण किया गया। बताया कि सैनेटरी नैपकिन पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी था, जिसे केंद्र सरकार ने 27 जुलाई से शून्य कर दिया है। उन्होंने बताया कि तीन मॉलों से सैनेटरी नैपकिन खरीदी गई, जिन्हें जीएसटी लगाकर बेचा जा रहा था। इस तरह उपभोक्ताओं को 12 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा था। इसके लिए मॉलों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा चार सस्ता गल्ला विक्रेताओं का चालान किया गया। तीन मिठाई, किराना, हार्डवेयर और पेट्रोल पंप समेत 24 व्यापारियों का भी चालान किया गया।
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बाट माप विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि 14 से 23 अगस्त तक अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। नगर क्षेत्र के सभी निजी अस्पतालों में सभी तौल यंत्र अवैधानिक रूप से प्रयोग करते हुए पाए गए। उन्होंने बताया कि कुछ अस्पतालों द्वारा जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए समझौता शुल्क और परीक्षण मुद्रांकन शुल्क जमा किया गया।
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बताया कि ऐसे अस्पतालों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और सत्यापन फीस जमा कराई। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों द्वारा टीबी, हार्ट के मरीज और बच्चों को उनके वजन के हिसाब से दवा का डोज दिया जाता है। यदि अस्पतालों में तौल यंत्र ही सही नहीं होंगे तो मरीजों के साथ धोखा हो सकता है। अस्पताल संचालकों को नए तौल यंत्र खरीदने को कहा गया है।
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उपभोक्ताओं को नहीं दे रहे थे छूट का लाभ
पिथौरागढ़। बाट माप निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि शहर के विभिन्न मॉलों में घटतौली, पीसीआर, एमआरपी का भी निरीक्षण किया गया। बताया कि सैनेटरी नैपकिन पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी था, जिसे केंद्र सरकार ने 27 जुलाई से शून्य कर दिया है। उन्होंने बताया कि तीन मॉलों से सैनेटरी नैपकिन खरीदी गई, जिन्हें जीएसटी लगाकर बेचा जा रहा था। इस तरह उपभोक्ताओं को 12 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा था। इसके लिए मॉलों पर जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा चार सस्ता गल्ला विक्रेताओं का चालान किया गया। तीन मिठाई, किराना, हार्डवेयर और पेट्रोल पंप समेत 24 व्यापारियों का भी चालान किया गया।