{"_id":"5cb36761bdec22141e2246ba","slug":"141555261281-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेठीगड़ा गांव में सिंचाई टैंक में डूबकर बच्ची की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गेठीगड़ा गांव में सिंचाई टैंक में डूबकर बच्ची की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलाघाट(पिथौरागढ़)। गेठीगड़ा गांव में सिंचाई टैंक में डूबकर पांच साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के वक्त बच्ची के परिवार वाले खेतों में गेहूं की फसल काटने गए थे। यह बच्ची पहली कक्षा में पढ़ती थी और शायद खुद ही खेेलते हुए टैंक तक जा पहुंची।
झूलाघाट के गेठीगड़ा गांव निवासी भूपाल सिंह मजदूरी करते हैं। शनिवार को परिवार के सभी सदस्य खेतों में गेहूं काटने गए थे। दिन में जब घर लौटे तो उनकी पांच साल की बेटी सीमा गोबाड़ी गायब थी। तमाम घरों में पूछताछ के बाद भी सीमा का पता नहीं चलने से परिजन परेशान हो गए। गांव के अन्य लोगों ने भी तमाम जगहों पर सीमा को ढूंढा लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। आखिर में किसी की नजर गांव के बीचों बीच रास्ते पर बने खुले सिंचाई टैंक में पड़ी तो उसमें मासूम का शव उतराता मिला। लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग को कई बार कहा गया है कि इस टैंक के चारों ओर तारबाड़ की जाए या फिर इस टैंक को कवर किया जाए।
रविवार को मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीमा गांव के ही स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती थी। खुले टैंकों और कुओं में गिरकर मासूम बच्चों की मौत की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। लगभग दस साल पूर्व पिथौरागढ़ नगर के पियाना में दो मासूम बच्चों की खेलने के दौरान कुएं में डूबने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
झूलाघाट के गेठीगड़ा गांव निवासी भूपाल सिंह मजदूरी करते हैं। शनिवार को परिवार के सभी सदस्य खेतों में गेहूं काटने गए थे। दिन में जब घर लौटे तो उनकी पांच साल की बेटी सीमा गोबाड़ी गायब थी। तमाम घरों में पूछताछ के बाद भी सीमा का पता नहीं चलने से परिजन परेशान हो गए। गांव के अन्य लोगों ने भी तमाम जगहों पर सीमा को ढूंढा लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। आखिर में किसी की नजर गांव के बीचों बीच रास्ते पर बने खुले सिंचाई टैंक में पड़ी तो उसमें मासूम का शव उतराता मिला। लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग को कई बार कहा गया है कि इस टैंक के चारों ओर तारबाड़ की जाए या फिर इस टैंक को कवर किया जाए।
विज्ञापन
रविवार को मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीमा गांव के ही स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती थी। खुले टैंकों और कुओं में गिरकर मासूम बच्चों की मौत की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। लगभग दस साल पूर्व पिथौरागढ़ नगर के पियाना में दो मासूम बच्चों की खेलने के दौरान कुएं में डूबने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन