Adi Kailash: पीएम मोदी के लिए आदि कैलाश में बिछाया जाएगा कारपेट, ज्योलिंगकांग में बढ़ी चहल पहल
पीएम नरेंद्र मोदी के 11 अक्तूबर को प्रस्तावित आदि कैलाश दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। पीएम के लिए शिव मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग बनाया जा रहा है। 100 मीटर लंबे इस मार्ग पर रेड कारपेट बिछाया जाएगा।
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पीएम नरेंद्र मोदी के 11 अक्तूबर को प्रस्तावित आदि कैलाश दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। ज्योलिंगकांग से लेकर पार्वती सरोवर तक सड़क को हॉटमिक्स किया जा रहा है। पीएम के लिए शिव मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग बनाया जा रहा है। 100 मीटर लंबे इस मार्ग पर रेड कारपेट बिछाया जाएगा। वाहन से उतरने के बाद इसी रेड कारपेट पर चलकर पीएम शिव मंदिर और पार्वती सरोवर तक जाएंगे।
पीएम मोदी 11 अक्तूबर को पवित्र धाम आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। 14000 फुट की ऊंचाई पर स्थित शिव के धाम में इन दिनों खूब चहल-पहल है। प्रधानमंत्री के स्वागत की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से ज्योलिंगकांग में बनाएं गए हेलीपैड में उतरेंगे। यहां से दाहिनी ओर चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर तक करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करेंगे।
इस सड़क को हॉटमिक्स करने का काम तेजी से चल रहा है। शिव मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी तक सड़क बनाई गई है। यहां पर पीएम का काफिला रुकेगा। इसके बाद यहां से प्रधानमंत्री पैदल चलकर शिव मंदिर पहुंचेंगे। इसके लिए पैदल रास्ते का खड़ंजा बिछाकर निर्माण किया जा रहा है। 100 मीटर लंबे इस मार्ग को सीसी युक्त बनाया जाएगा। मार्ग के दोनों ओर रेलिंग भी लगेगी। प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व इस रेलिंग को फूल-मालाओं से सजाया जाएगा। मार्ग पर रेड कारपेट बिछेगी। इसी कारपेट पर चलकर प्रधानमंत्री शिव मंदिर पहुंचकर पूजा करेंगे और आदि कैलाश के दर्शन करेंगे।
ज्योलिंगकांग में बढ़ी चहल पहल
पीएम नरेंद्र मोदी का आदि कैलाश का दौरा प्रस्तावित होने के बाद से ज्योलिंगकांग में चहल पहल काफी बढ़ गई है। पहले यहां पर स्थानीय व्यापारी, पोनी संचालक और आदि कैलाश यात्री नजर आते थे। अब तमाम सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी यहां पहुंचकर तैयारियों में जुटे हैं। सड़क, संचार सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 10 अक्तूबर से पहले सभी तैयारियां दुरुस्त कर ली जाएंगी।
ऑक्सीजन की कमी के कारण काम करना बेहद कठिन
आदि कैलाश 14000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में कठिनाई होती है। ऐसे में इतनी ऊंचाई पर काम करना मजदूरों के लिए आसान नहीं होता है। निर्माण कार्य करा रहे संजीव भट्ट ने बताया कि 1500 रुपये दिहाड़ी में भी मजदूर मिलना मुश्किल हो रहा है।