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पीपीपी मोड के खिलाफ भाजपा भी मुखर
ब्यूरो/अमर उजाला /पिथौरागढ़
Updated Sat, 07 Feb 2015 11:33 PM IST
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पीपीपी मोड से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी भी मुखर हो गई है। भाजपा ने अस्पताल का संचालन कर रहे बरेली के शील नर्सिंग होम के प्रबंधकों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो अस्पताल के गेट पर धरना दिया जाएगा।
भाजपा मंडल महामंत्री लछीराम के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया है कि अस्पताल में मानक के अनुसार डाक्टरों की तैनाती नहीं की गई है। स्टाफ को सीमित संख्या में रखा गया है। अस्पताल में एक्सरे मशीन खराब है। जेनरेटर को कभी नहीं चलाया जाता। महिला डाक्टर का पद लंबे समय से खाली है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के इस अस्पताल की दुर्दशा से साबित हो जाता है कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सीमांत के लोगों के स्वास्थ्य को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। अस्पताल को पीपीपी मोड में देते समय उम्मीद की जा रही थी कि शायद व्यवस्था में सुधार आएगा, लेकिन इसके बाद गत और खराब हो गई है। ज्ञापन देने वालों में दीवान सिंह कोरंगा, प्रदीप रावत, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र टोलिया, गोकर्ण सुयाल, मनोज कुमार, हिमांशु धर्मशक्तू आदि थे।
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भाजपा मंडल महामंत्री लछीराम के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया है कि अस्पताल में मानक के अनुसार डाक्टरों की तैनाती नहीं की गई है। स्टाफ को सीमित संख्या में रखा गया है। अस्पताल में एक्सरे मशीन खराब है। जेनरेटर को कभी नहीं चलाया जाता। महिला डाक्टर का पद लंबे समय से खाली है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के इस अस्पताल की दुर्दशा से साबित हो जाता है कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सीमांत के लोगों के स्वास्थ्य को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। अस्पताल को पीपीपी मोड में देते समय उम्मीद की जा रही थी कि शायद व्यवस्था में सुधार आएगा, लेकिन इसके बाद गत और खराब हो गई है। ज्ञापन देने वालों में दीवान सिंह कोरंगा, प्रदीप रावत, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र टोलिया, गोकर्ण सुयाल, मनोज कुमार, हिमांशु धर्मशक्तू आदि थे।
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