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Pithoragarh News: बर्ड फ्लू का खतरा बरकरार, सीमांत जिले में सैंपलिंग जारी
Wed, 20 Aug 2025 10:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 20 Aug 2025 10:19 PM IST
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पिथौरागढ़। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने मुर्गियों से 22 सैंपल लिए हैं। जल्द ही विभाग इन्हें जांच के लिए लैब में भेजेगा। पशुपालन विभाग के मुताबिक मृत पक्षियों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए बाहरी क्षेत्रों के साथ ही नेपाल से अंडे और मुर्गियों की आपूर्ति पर रोक लगने से जिले में चिकन और अंडे की किल्लत होने लगी है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि बर्ड फ्लू की गंभीरता को देखते हुए विभाग सतर्क है। पहले ही बाहरी क्षेत्रों और नेपाल से अंडे और मुर्गियों की आपूर्ति पर रोक लगाई जा चुकी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से मुर्गियों से 22 सैंपल एकत्र किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृत पक्षियों से खतरा अधिक है। संबंधित पक्षी की मौत का क्या कारण रहा, इसे जानने के लिए हर मृत पक्षी के सैंपल लिए जाएंगे।
डॉ. शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बर्ड फ्लू के खतरे को रोकने में सहयोग करें और किसी भी पक्षी की संदिग्ध हालात में मौत होने पर विभाग को सूचित करें। उन्होंने बताया कि पूर्व में भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। फिलहाल बर्ड फ्लू को लेकर सीमांत जिला सुरक्षित है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। इधर, मैदानी क्षेत्रों से मुर्गियों की आपूर्ति पर ब्रेक लगने से चिकन के शौकीनों को झटका लगा है। बाजार में मुर्गे का मांस मिलना मुश्किल हो गया है इससे चिकन खाने के शौकीन निराश हैं।
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बर्ड फ्लू : बॉर्डर पर सतर्कता जारी, बूचड़खानों का निरीक्षण
एडीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई आपात बैठक
बनबसा और टनकपुर से मुर्गियों के 30 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। एडीएम जयवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में बर्ड फ्लू की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात बैठक की गई। एडीएम ने कहा कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। जिले की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए और बाहरी क्षेत्रों से पक्षियों, मुर्गियों की आवाजाही पर रोक सुनिश्चित की जाए।
बाद में पशु चिकित्सालय बनबसा और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के बूचड़खानों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई की स्थिति और मुर्गियों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की गई। सीवीओ डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि सभी बूचड़खानों की स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। किसी भी मुर्गी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. फरहीन ताहिर ने लोगों को बर्ड फ्लू के लक्षण, उसकी गंभीरता एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी।
सीवीओ ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों बनबसा और टनकपुर से मुर्गियों के 30 सैंपल भोपाल स्थित हाई पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। अन्य जिलों से मुर्गियों और अंडों को जिले में लाए जाने से रोकने के लिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिलेभर में लगातार निगरानी और सर्वे कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से जरूरी एडवायजरी भी जारी की गई है।
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बचाव के लिए एडवाइजरी
मीट व्यापारी मांस की ड्रेसिंग के बाद पंख और अवशेषों का उचित निस्तारण करें।
दुकान के आसपास नियमित सफाई के साथ चूने का छिड़काव करें।
मुर्गी फार्म में कार्य करते समय ग्लव्स और मास्क का प्रयोग अनिवार्य करें।
बाड़ों की नियमित सफाई करें।
जीवित मुर्गियों और अंडों को छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
कुक्कुट मांस को 70–75 डिग्री सेल्सियस पर कम से कम आधे घंटे तक पकाने के बाद ही सेवन करें।
कच्चे या अधपके मांस व अंडों का सेवन न करें।
बीमार या मृत पक्षियों के सीधे संपर्क से बचें। अनावश्यक व्यक्तियों को पोल्ट्री फार्म में प्रवेश न दें।
स्वयं भी अन्य फार्मों में न जाएं।
जंगली अथवा पड़ोस की मुर्गियों को अपनी मुर्गियों के संपर्क में न आने दें।
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बनबसा में जिले के बाहर से मुर्गियां लाने पर रोक
बनबसा (चंपावत)। बनबसा पशु चिकित्सालय और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को बूचड़खानों का निरीक्षण किया। मुर्गियों में किसी तरह की बीमारियों के लक्षण नहीं पाए गए। बूचड़खानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों को साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए।
जिले के साथ ही नेपाल का प्रवेश द्वार होने से बनबसा में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते खास सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फरहीन ताहिर ने बताया कि बूचड़खाना स्वामियों को इन दिनों बाहरी जिलों से मुर्गी नहीं लाने की हिदायत दी गई है। बूचड़खाना स्वामियों को सिर्फ स्थानीय बाजार से मुर्गियां खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। मुर्गियों या अन्य पक्षियों में किसी तरह की बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर पशुचिकित्सक को सूचित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी किशन चंद, पशुधन सहायक बहादुर सिंह, सहायक मनोज राम आदि थे। संवाद
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ग्राम बुढ़ाखेत में जागरूकता शिविर लगाया
चंपावत। राजकीय पशु चिकित्सालय सिप्टी की ओर से ग्राम बुढ़ाखेत में पशु चिकित्सा और एसएलएम और केसीसी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को बर्ड फ्लू के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 51 पशुओं का इलाज भी किया गया। वहां पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा बठला, पशुधन प्रसार अधिकारी राहुल दरियाल और वेक्सीनेटर रेखा पांडेय आदि थे। संवाद
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि बर्ड फ्लू की गंभीरता को देखते हुए विभाग सतर्क है। पहले ही बाहरी क्षेत्रों और नेपाल से अंडे और मुर्गियों की आपूर्ति पर रोक लगाई जा चुकी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से मुर्गियों से 22 सैंपल एकत्र किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृत पक्षियों से खतरा अधिक है। संबंधित पक्षी की मौत का क्या कारण रहा, इसे जानने के लिए हर मृत पक्षी के सैंपल लिए जाएंगे।
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डॉ. शर्मा ने लोगों से अपील की है कि बर्ड फ्लू के खतरे को रोकने में सहयोग करें और किसी भी पक्षी की संदिग्ध हालात में मौत होने पर विभाग को सूचित करें। उन्होंने बताया कि पूर्व में भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। फिलहाल बर्ड फ्लू को लेकर सीमांत जिला सुरक्षित है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। इधर, मैदानी क्षेत्रों से मुर्गियों की आपूर्ति पर ब्रेक लगने से चिकन के शौकीनों को झटका लगा है। बाजार में मुर्गे का मांस मिलना मुश्किल हो गया है इससे चिकन खाने के शौकीन निराश हैं।
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बर्ड फ्लू : बॉर्डर पर सतर्कता जारी, बूचड़खानों का निरीक्षण
एडीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई आपात बैठक
बनबसा और टनकपुर से मुर्गियों के 30 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। एडीएम जयवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में बर्ड फ्लू की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात बैठक की गई। एडीएम ने कहा कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। जिले की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए और बाहरी क्षेत्रों से पक्षियों, मुर्गियों की आवाजाही पर रोक सुनिश्चित की जाए।
बाद में पशु चिकित्सालय बनबसा और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के बूचड़खानों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई की स्थिति और मुर्गियों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की गई। सीवीओ डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि सभी बूचड़खानों की स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। किसी भी मुर्गी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. फरहीन ताहिर ने लोगों को बर्ड फ्लू के लक्षण, उसकी गंभीरता एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी।
सीवीओ ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों बनबसा और टनकपुर से मुर्गियों के 30 सैंपल भोपाल स्थित हाई पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। अन्य जिलों से मुर्गियों और अंडों को जिले में लाए जाने से रोकने के लिए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिलेभर में लगातार निगरानी और सर्वे कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से जरूरी एडवायजरी भी जारी की गई है।
बचाव के लिए एडवाइजरी
मीट व्यापारी मांस की ड्रेसिंग के बाद पंख और अवशेषों का उचित निस्तारण करें।
दुकान के आसपास नियमित सफाई के साथ चूने का छिड़काव करें।
मुर्गी फार्म में कार्य करते समय ग्लव्स और मास्क का प्रयोग अनिवार्य करें।
बाड़ों की नियमित सफाई करें।
जीवित मुर्गियों और अंडों को छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
कुक्कुट मांस को 70–75 डिग्री सेल्सियस पर कम से कम आधे घंटे तक पकाने के बाद ही सेवन करें।
कच्चे या अधपके मांस व अंडों का सेवन न करें।
बीमार या मृत पक्षियों के सीधे संपर्क से बचें। अनावश्यक व्यक्तियों को पोल्ट्री फार्म में प्रवेश न दें।
स्वयं भी अन्य फार्मों में न जाएं।
जंगली अथवा पड़ोस की मुर्गियों को अपनी मुर्गियों के संपर्क में न आने दें।
बनबसा में जिले के बाहर से मुर्गियां लाने पर रोक
बनबसा (चंपावत)। बनबसा पशु चिकित्सालय और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को बूचड़खानों का निरीक्षण किया। मुर्गियों में किसी तरह की बीमारियों के लक्षण नहीं पाए गए। बूचड़खानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों को साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए।
जिले के साथ ही नेपाल का प्रवेश द्वार होने से बनबसा में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते खास सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फरहीन ताहिर ने बताया कि बूचड़खाना स्वामियों को इन दिनों बाहरी जिलों से मुर्गी नहीं लाने की हिदायत दी गई है। बूचड़खाना स्वामियों को सिर्फ स्थानीय बाजार से मुर्गियां खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। मुर्गियों या अन्य पक्षियों में किसी तरह की बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर पशुचिकित्सक को सूचित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी किशन चंद, पशुधन सहायक बहादुर सिंह, सहायक मनोज राम आदि थे। संवाद
ग्राम बुढ़ाखेत में जागरूकता शिविर लगाया
चंपावत। राजकीय पशु चिकित्सालय सिप्टी की ओर से ग्राम बुढ़ाखेत में पशु चिकित्सा और एसएलएम और केसीसी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को बर्ड फ्लू के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 51 पशुओं का इलाज भी किया गया। वहां पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा बठला, पशुधन प्रसार अधिकारी राहुल दरियाल और वेक्सीनेटर रेखा पांडेय आदि थे। संवाद