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छह साल बाद भी भागीचौरा-हंसेश्वर मोटर मार्ग का पांच किमी हिस्सा उबड़-खाबड़

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 12:02 AM IST
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Bad Road in Ascot
अस्कोट क्षेत्र में बदहाल पस्मा-हंसेश्वर मार्ग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
अस्कोट (पिथौरागढ़)। छह साल बाद भी भागीचौरा-हंसेश्वर मोटर मार्ग के पांच किमी हिस्से में डामरीकरण नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों को शवदाह के लिए 50 किमी दूर जाना पड़ रहा है।
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इस सड़क की लंबाई 16 किमी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क निर्माण की घोषणा की थी। लोनिवि ने वर्ष 2016 में 163.60 लाख की लागत से इसका निर्माण किया गया था। इसमें 11 किमी सड़क पर डामरीकरण तो किया गया लेकिन पस्मा से हंसेश्वर तक पांच किमी का हिस्सा छोड़ दिया गया। इससे क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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लोगों को हंसेश्वर मठ और शवदाह के लिए 50 किमी की यात्रा करनी पड़ती है जबकि पांच किमी हिस्से को सुधार किया जाता तो ग्रामीणों के लिए हंसेश्वर तक सिर्फ 10 किमी का सफर करना पड़ता। लोनिवि अस्कोट के एई हेमंत चंदोला का कहना है कि सड़क के सोलिंग और डामरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद काम किया जाएगा।
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छह साल में पस्मा से हंसेश्वर तक सड़क का डामरीकरण नहीं हो पाया है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। शवदाह के लिए 50 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है। - विमला पोखरिया, सामाजिक कार्यकर्ता।
शेष पांच किमी सड़क पर डामरीकरण हो गया होता तो हंसेश्वर मठ की दूरी मात्र 10 किमी रह जाती। इससे वहां संसाधन भी बढ़ते लेकिनइस ओर किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। - शकुंतला देवी, ग्रामीण।
सड़क डामरीकरण के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। मात्र पांच किमी सड़क का हिस्सा ऐसा है, जिस पर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है। - कैप्टन नर सिंह, पूर्व सैनिक।

वर्ष 2016 में बनी सड़क के लिए पर्याप्त बजट विभाग को शासन से मांगना चाहिए था। अगर विभाग ने पहले ही प्रस्ताव में पर्याप्त बजट मांगा होता तो डामरीकरण हो गया होता। -डीपी सिंह पोखरिया, सामाजिक कार्यकर्ता।
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