फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Anrawaav residential school surrounded by crisis

वनरावत आवासीय विद्यालय संकट में घिरा

Sat, 01 Apr 2017 10:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sat, 01 Apr 2017 10:01 PM IST
विज्ञापन
Anrawaav residential school surrounded by crisis
वनरावत आवासीय विद्यालय - फोटो : अमर उजाला

जौलजीबी का वनरावत आवासीय विद्यालय संकट में घिर गया है। वर्ष 2001 से इस विद्यालय की व्यवस्थाओं का संचालन कर रही सीमांत अनुसूचित एवं जनजाति सेवा संस्थान ने शनिवार से इस विद्यालय के संचालन का दायित्व पूरी तरह छोड़ दिया है। संस्था ने इसकी सूचना समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार के जनजाति कार्य मंत्रालय को भेज दी है। जनजाति कार्य मंत्रालय ही इस विद्यालय के संचालन के लिए फंडिग करता था। दूसरी ओर इस आवासीय विद्यालय को चलाने की तैयारी कर रही दिल्ली की सार्थक प्रयास संस्था के प्रस्ताव को अब तक जनजाति कार्य मंत्रालय से स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि सार्थक प्रयास संस्था के अध्यक्ष उमेश पंत का कहना है कि विद्यालय बंद नहीं होगा और वह अपने संसाधनों से रविवार को एक महीने का राशन एवं अन्य सामग्री विद्यालय में पहुंचाएंगे।

विज्ञापन


वर्ष 2001 में पूर्व विधायक हीरा सिंह बोरा ने वनरावतों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए जौलजीबी में आवासीय विद्यालय की स्थापना की थी। दो वर्ष पहले हीरा सिंह बोरा का निधन हो गया। तब से विद्यालय गंभीर आर्थिक संकट में आ गया। बाद में स्व. बोरा की पत्नी और सीमांत अनुसूचित एवं जनजाति सेवा संस्थान के कोषाध्यक्ष पूरन चंद्र जोशी विद्यालय का संचालन करने लगे। इन लोगों ने राज्य सरकार से 36 लाख 55 हजार 450 रुपये कर्ज लेकर अब तक विद्यालय का संचालन किया। केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय से फंड प्राप्त होते ही उन्होंने राज्य सरकार से कर्ज में ली गई सारी रकम लौटा दी है। साथ ही विद्यालय की जितनी देनदारी, कर्मचारियों का वेतन आदि था उसका भुगतान कर दिया है।
विज्ञापन


संस्थान के कोषाध्यक्ष पूरन चंद्र जोशी ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष से उनकी संस्था अब विद्यालय का संचालन कर पाने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से समय पर धनराशि न मिलने से कई बार गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब विद्यालय का संचालन कर पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, पिछले दिनों जौलजीबी के आवासीय विद्यालय का संचालन करने का प्रयास कर रही दिल्ली की सार्थक प्रयास संस्था को अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इस कारण इस संस्था ने विद्यालय का काम अपने हाथ में नहीं लिया है। अलबत्ता संस्था के अध्यक्ष उमेश पंत का कहना है कि अनुमति मिलने तक बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था अपने संसाधनों से कर रहे हैं। रविवार को यह सामग्री विद्यालय में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय बंद नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed