{"_id":"605638038ebc3e8ca31ac42c","slug":"aligation-by-mla-harish-dhami-pithoragarh-news-hld418944598","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारचूला-मुनस्यारी में वन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारचूला-मुनस्यारी में वन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच करने की मांग
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में प्रेसवार्ता करते हरीश धामी विधायक धारचूला
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। धारचूला के विधायक हरीश धामी ने जिले के एक डीएफओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने वन विभाग की ओर से विधानसभा क्षेत्र में कराए गए कार्यों की जांच कर डीएफओ के स्थानांतरण की मांग उठाई है। कहा कि अगर कार्यों की जांच और स्थानांतरण नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री आवास पर धरना, प्रदर्शन करेंगे।
धारचूला विधायक धामी ने शनिवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर जिले के एक डीएफओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना है कि वन विभाग की ओर से उनकी विधानसभा क्षेत्र के कई पैदल रास्ते सुधारने के लिए बजट मिला।
इनमें पातों से रालम पैदल बटिया मार्ग 30 किमी, बौना से सुमदुंग-सोबला पैदल मार्ग, पांगू से गुमिकांग सुवा लंदर्गा और रूंलिंग धार से सेला पैदल मार्ग शामिल है। इसमें कार्य पूरा हुए बिना ही कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों को धन आवंटित कर दिया गया है।
विज्ञापन
धामी ने कहा कि विश्व बैंक से वित्तपोषित बकरलिप परियोजना में भी भ्रष्टाचार किया गया। प्रस्तावित गांवों की योजना का धन अन्यत्र स्थानों पर लगाया गया है जो नियम विरुद्ध है।
उन्होंने धारचूला और मुनस्यारी वन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच कर डीएफओ को स्थानांतरित करने की मांग की है। इधर, इस संबंध में डीएफओ का पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
विज्ञापन
धारचूला विधायक धामी ने शनिवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर जिले के एक डीएफओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना है कि वन विभाग की ओर से उनकी विधानसभा क्षेत्र के कई पैदल रास्ते सुधारने के लिए बजट मिला।
विज्ञापन
इनमें पातों से रालम पैदल बटिया मार्ग 30 किमी, बौना से सुमदुंग-सोबला पैदल मार्ग, पांगू से गुमिकांग सुवा लंदर्गा और रूंलिंग धार से सेला पैदल मार्ग शामिल है। इसमें कार्य पूरा हुए बिना ही कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों को धन आवंटित कर दिया गया है।
विज्ञापन
धामी ने कहा कि विश्व बैंक से वित्तपोषित बकरलिप परियोजना में भी भ्रष्टाचार किया गया। प्रस्तावित गांवों की योजना का धन अन्यत्र स्थानों पर लगाया गया है जो नियम विरुद्ध है।
उन्होंने धारचूला और मुनस्यारी वन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जांच कर डीएफओ को स्थानांतरित करने की मांग की है। इधर, इस संबंध में डीएफओ का पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।