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पिथौरागढ़ जिले में हैं 30 से अधिक संवेदनशील गांव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:15 PM IST
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Aapada in Pithoragarh
पिथौरागढ़। जिले में आपदा की दृष्टि से 30 से अधिक संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांव हैं। लंबे समय से इन गांवों के ग्रामीण विस्थापित करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से आपदा प्रभावितों को लेकर की गई घोषणा से पुनर्वास का इंतजार कर रहे लोगों में सुरक्षित ठौर मिलने की उम्मीद जगी है।
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पिथौरागढ़ जिले का मुनस्यारी, धारचूला और बंगापानी तहसीलें आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं। हर साल आपदा से यहां गांवों को खतरा पैदा हो रहा है। कुलथम, सैनर, नई बस्ती, नाचनी, साईपोलो भाट, जिप्ती, तांकुल, तोमिक, गोल्फा, छलमा छिलासो, हिमखोला,मेतली, चामी, कनार, धारपांगू, सुवा, बुंगबुंग, सिमखोला, रूकमा सैन, कजासु, गर्गुवा, तोकस्यारी, जम्कू तोक बांस, जुम्मा, भारभेली,तल्ला भदेली, न्वाली, सानीखेत, जुम्मा तोक कुला, गलांती, भतखान रमतोली, तुसरानी, खातपोली, जामनी, जयकोट, भटीगांव, जोग्यूड़ा, ग्वीर, बसंतकोट,जीमिया, कैठी रूईसपाटा, न्यू सुवा, तोली, घट्टाबगड़, न्यू सेबिला, झिमरगांव लंबे समय से खतरे की जद में हैं। अभी इन गांवों के विस्थापन की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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इस साल जोशा, धापा, टांगा, जारा जिबली, लुम्ती, मोरी गांवों को भारी क्षति पहुंची है। इन गांवों के लोग टेटों या सरकारी भवनों में शरण लिए हुए हैं। गांवों के लोगों को पुनर्वास का इंतजार है। खतरे की जद में आए परिवारों के विस्थापन में सबसे बड़ा रोड़ा भूमि का रहता है। बंगापानी तहसील की आपदा प्रभावित महिला मथुरा देवी ने बताया कि गांव पूरी तरह से खतरे में है। अब शासन-प्रशासन से ही उम्मीद है।
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जिले के इन गांवों के पुनर्वास का भेजा है प्रस्ताव
पिथौरागढ़। आपदा से खतरे की जद में आए हिमखोला गांव के 31 परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग ने विस्थापित करने के लिए 1 करोड़ 31 लाख 75 हजार रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन भेजा है। इसके अलावा कनार गांव के जिमतड़ तोक के 7 परिवारों के विस्थापन के लिए 29 लाख 75 हजार, सनेर गांव के 21 परिवारों के विस्थापन के लिए 1 करोड़ 32 लाख 22 हजार रुपये और कुलथम गांव के 15 परिवारों के विस्थापन के लिए 1 करोड़ 53 लाख 20 हजार रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही इन गांवों का विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा तांकुल गांव के विस्थापन के लिए शासन से 21 लाख 25 हजार रुपये की राशि मिल गई है। शीघ्र यहां के 16 परिवारों को विस्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कनार गांव के विस्थापन के लिए भी 1 करोड़ 38 लाख 63 हजार रुपये मिल चुके हैं। पिथौरागढ़ के आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह महर ने बताया कि आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील चार गांवों के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिए हैं। बजट मिलते ही विस्थापन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

जिले के आपदा प्रभावित गांवों का सर्वे जारी है। अभी तक ऐसे 159 परिवार चिन्हित किए गए हैं जिनका विस्थापन किया जाना है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जहां पर संभव होगा सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे। भूमि चयन की कार्रवाई भी शीघ्र शुरू कर दी जाएगी। गैर वानिकी भूमि में पुनर्वास को लेकर शासन से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार आपदा प्रभावितों के लिए भूमि का चयन किया जाएगा।
डॉ.विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।
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