{"_id":"117-88749","slug":"Pithoragarh-88749-117","type":"story","status":"publish","title_hn":"रावण राज खत्म, कुनबे के साथ दशानन राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रावण राज खत्म, कुनबे के साथ दशानन राख
Pithoragarh
Updated Mon, 06 Oct 2014 05:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़/गंगोलीहाट/झूलाघाट। श्रीरामलीला प्रबंधकारिणी समिति की ओर से होने वाली सदर की रामलीला और रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित की जाने वाली टकाना की रामलीला में शुक्रवार को आधी रात के बाद रावण, कुंभकर्ण और रावण परिवार के सदस्यों का अंत हो गया। आधी रात के बाद करीब एक बजे रावण परिवार के सदस्यों के पुतले फूंके गए। रावण का अंत हो जाने पर भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान विजयी मुद्रा में दरबार में आते हैं। कल रात दोनों स्थानों पर भारी भीड़ रही।
गंगोलीहाट की रामलीला में भरत वन जाकर राम और लक्ष्मण को वापस लाने का प्रयास करते हैं लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो वह भगवान राम के खड़ाऊं लेकर लौट आते हैं। इससे पहले राम के वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। पिथौरागढ़ पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती रामलीला में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने भगवान राम के आदर्श पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर गणेश बोरा, मनोज मेहरा, नरेंद्र रावल, आशु पंत, कैलाश सिंह, कैलाश पंत, मुन्ना उप्रेती, मोहन उप्रेती, देवी प्रसाद रावल, मालती आर्या, पूरन सिंह आदि थे। उधर, सरस्वती कला मंडल बिलाई ने भी रामलीला मंचन शुरू कर दिया है।
झूलाघाट की राम जन्म के साथ ही रामलीला शुरू हो गई है। इससे पहले नारद मोह का मंचन हुआ। झूलाघाट की रामलीला 113 वर्ष में प्रवेश कर गई है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने बताया कि रामलीला 14 अक्तूबर तक चलेगी। इस बार रामलीला नए मैदान में हो रही है। रामलीला संपन्न कराने में हरिबल्लभ भट्ट, जानकी कापड़ी, भुवन पंगरिया, खीमानंद भट्ट आदि सहयोग दे रहे हैं। रामलीला देखने के लिए दूर- दूर से लोग आते हैं। डीडीहाट में रामलीला रविवार से शुरू होगी। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ललित भंडारी ने बताया कि इस बार ध्वनि और प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगोलीहाट की रामलीला में भरत वन जाकर राम और लक्ष्मण को वापस लाने का प्रयास करते हैं लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो वह भगवान राम के खड़ाऊं लेकर लौट आते हैं। इससे पहले राम के वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं। पिथौरागढ़ पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती रामलीला में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने भगवान राम के आदर्श पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर गणेश बोरा, मनोज मेहरा, नरेंद्र रावल, आशु पंत, कैलाश सिंह, कैलाश पंत, मुन्ना उप्रेती, मोहन उप्रेती, देवी प्रसाद रावल, मालती आर्या, पूरन सिंह आदि थे। उधर, सरस्वती कला मंडल बिलाई ने भी रामलीला मंचन शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
झूलाघाट की राम जन्म के साथ ही रामलीला शुरू हो गई है। इससे पहले नारद मोह का मंचन हुआ। झूलाघाट की रामलीला 113 वर्ष में प्रवेश कर गई है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने बताया कि रामलीला 14 अक्तूबर तक चलेगी। इस बार रामलीला नए मैदान में हो रही है। रामलीला संपन्न कराने में हरिबल्लभ भट्ट, जानकी कापड़ी, भुवन पंगरिया, खीमानंद भट्ट आदि सहयोग दे रहे हैं। रामलीला देखने के लिए दूर- दूर से लोग आते हैं। डीडीहाट में रामलीला रविवार से शुरू होगी। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ललित भंडारी ने बताया कि इस बार ध्वनि और प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन