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खलियाटॉप में 22 से पर्यटक आने लगेंगे
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। मुनस्यारी के पास 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में इस बार 22 दिसंबर से पर्यटकों की आवाजाही होने लगेगी। नववर्ष का जश्न मनाने के लिए बुकिंग तो बहुत अधिक आ रही है, लेकिन होटल स्वामियों ने पानी के संकट को देखते हुए इस बार बुकिंग सीमित रखने का फैसला लिया है। खलियाटॉप के लिए बनी पेयजल लाइन पिछले दिनों हुई बर्फबारी से जम गई है। इस कारण होटलों और रिजॉर्ट तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
खलियाटॉप में इस बार समय पर हिमपात हो गया था। हालांकि अब बर्फ पिघलने लगी है, लेकिन होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि 31 दिसंबर से पहले फिर से हिमपात होगा। यदि दोबारा हिमपात हुआ तो खलियाटॉप में लंबे समय तक बर्फ टिकी रहेगी। मोनाल संस्था के सचिव और पर्यटन व्यवसायी सुरेंद्र पंवार ने बताया कि खलियाटॉप में दिन के समय घूमने आने वालों की संख्या काफी रहती है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन ट्रैकिंग स्थल है और सिर्फ ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान सबसे अच्छा है।
उन्होंने बताया कि खलियाटॉप में आवासीय सुविधा सीमित है। बर्फ गिरने के बाद पानी की लाइन जमने से पर्यटकों के लिए व्यवस्था कर पाना कठिन हो रहा है। खलियाटॉप में पानी का कोई स्रोत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी की व्यवस्था करने के लिए जल संस्थान को पत्र भेज दिया गया है। जल संस्थान के अवर अभियंता जीएस मनौला ने बताया कि लाइन चेक करने के लिए टीम भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि पानी की लाइन बर्फ से जम जाने पर पहले उसे जमीन से बाहर निकालना पड़ता है। इस काम में कुछ दिन लग जाएंगे।
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खलियाटॉप में इस बार समय पर हिमपात हो गया था। हालांकि अब बर्फ पिघलने लगी है, लेकिन होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि 31 दिसंबर से पहले फिर से हिमपात होगा। यदि दोबारा हिमपात हुआ तो खलियाटॉप में लंबे समय तक बर्फ टिकी रहेगी। मोनाल संस्था के सचिव और पर्यटन व्यवसायी सुरेंद्र पंवार ने बताया कि खलियाटॉप में दिन के समय घूमने आने वालों की संख्या काफी रहती है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन ट्रैकिंग स्थल है और सिर्फ ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान सबसे अच्छा है।
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उन्होंने बताया कि खलियाटॉप में आवासीय सुविधा सीमित है। बर्फ गिरने के बाद पानी की लाइन जमने से पर्यटकों के लिए व्यवस्था कर पाना कठिन हो रहा है। खलियाटॉप में पानी का कोई स्रोत भी नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी की व्यवस्था करने के लिए जल संस्थान को पत्र भेज दिया गया है। जल संस्थान के अवर अभियंता जीएस मनौला ने बताया कि लाइन चेक करने के लिए टीम भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि पानी की लाइन बर्फ से जम जाने पर पहले उसे जमीन से बाहर निकालना पड़ता है। इस काम में कुछ दिन लग जाएंगे।
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