{"_id":"597f70574f1c1bac768b4758","slug":"81501524055-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पपदेव वन पंचायत में शुरू होगी चारा विकास परियोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पपदेव वन पंचायत में शुरू होगी चारा विकास परियोजना
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के निकट स्थित पपदेव गांव की वन पंचायत में 20 हेक्टेअर जमीन पर चारा विकास परियोजना लागू करने की मंजूरी केंद्र सरकार ने प्रदान कर दी है। प्रदेश के पांच जिलों को चारा विकास परियोजना के लिए चुना गया है। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. एसएस बिष्ट के अनुसार नैनीताल जिले के मजेला, अंगरिया, जाड़पानी, बौरसा, पिनरौ, बनाह वन पंचायत में, देहरादून के सरखेत, अस्थल, खेरीमानसिंह, टिहरी के भिकार्गी, डांगू, पटेश्री, रुद्रप्रयाग के दिवार, शकरी, देवली, अर्दवानी में यह परियोजनाएं चलेंगी। पिथौरागढ़ जिले में सिर्फ पपदेव का ही चयन हुआ है।
निदेशक की ओर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गोचर भूमि की फोटो, क्षेत्रफल, नक्शा, खसरा राजस्व विभाग से प्राप्त कर उसे तत्काल केंद्र सरकार को भेजा जाए। उसके बाद ही इस मद में राशि का आवंटन हो पाएगा। इधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी के अनुसार पपदेव वन पंचायत में 20 हेक्टेअर जमीन है। इसकी फोटो तैयार कर ली गई है। पपदेव की वन पंचायत जमीन पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को रोकने तथा इस जमीन का उपयोग करने की मांग को लेकर गो पालक प्रकाश वर्मा ने लंबी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने चारा विकास परियोजना की मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है।
निदेशक की ओर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गोचर भूमि की फोटो, क्षेत्रफल, नक्शा, खसरा राजस्व विभाग से प्राप्त कर उसे तत्काल केंद्र सरकार को भेजा जाए। उसके बाद ही इस मद में राशि का आवंटन हो पाएगा। इधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी के अनुसार पपदेव वन पंचायत में 20 हेक्टेअर जमीन है। इसकी फोटो तैयार कर ली गई है। पपदेव की वन पंचायत जमीन पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को रोकने तथा इस जमीन का उपयोग करने की मांग को लेकर गो पालक प्रकाश वर्मा ने लंबी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने चारा विकास परियोजना की मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है।
विज्ञापन