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चार निकायों में जीत से बढ़ा भाजपा के दिग्गजों का कद
Updated Tue, 20 Nov 2018 11:13 PM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले की पांच निकायों में से चार निकायों में कमल का फूल खिल गया। बेड़ीनाग को छोड़कर चार निकायों में कब्जा करने में भाजपा सफल रही। टिकट बंटवारे से लेकर अंतिम तक बिखरी नजर आ रही कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली। यहां तक कि तीन सीटों में कांग्रेस प्रत्याशी सीधी टक्कर से भी बाहर हो गए। चार निकायों में जबरदस्त जीत से भाजपा के दिग्गजों का कद और अधिक बढ़ गया है।
पिथौरागढ़ नगरपालिका में भाजपा से राजेंद्र सिंह रावत और कांग्रेस से जगत सिंह खाती मैदान में थे। वित्त मंत्री प्रकाश पंत की विधान सभा सीट की पालिका होने से भाजपा ने इस चुनाव को जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया। शाख का सवाल होने के कारण वित्त मंत्री स्वयं प्रचार पर निकले। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी चुनावी सभा को संबोधित करने यहां पहुंचे। इसके अलावा डीडीहाट के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल भी चुनाव प्रचार करने यहां के वार्डों में डटे रहे। जबकि कांग्रेस की ओर से एक भी चुनावी सभा नहीं की गई।
प्रत्याशी जगत सिंह खाती कुछ गिने चुने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुटे रहे। बिखरी नजर आ रही कांग्रेस और तेजी से चर्चाओं में आए निर्दलीय शमशेर महर को देखते हुए चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबले और कांग्रेस के तीसरे नंबर पर रहने की जबरदस्त चर्चा चली जो सटीक रही। इस महत्वपूर्ण सीट में मचे घमासान और एंटी इन्कंबेंसी को देखते हुए अंतिम क्षणों तक भाजपा के भीतर एक डर बैठा रहा, लेकिन चुनावी नतीजे भाजपा के दिग्गजों की शाख बचाने में सफल रहे।
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डीडीहाट नगरपालिका में भी विधायक विशन सिंह चुफाल की रणनीति काम आई। इस सीट में भाजपा की कमला चुफाल विजेता रही। यहां भी कांग्रेस एकजुट नजर नहीं आई। टूटन के चलते पार्टी उम्मीदवार हेमंती भंडारी तीसरे स्थान पर रहीं। निकाय चुनाव के इस परिणाम से विधायक विशन सिंह चुफाल और अधिक मजबूत साबित हुए हैं।
धारचूला नगरपालिका में भी भाजपा ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। कांग्रेस का गढ़ माने जाने से धारचूला निकाय चुनाव को फतह करना भाजपा के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद भाजपा की उम्मीदवार राजेश्वरी देवी विजेता बनीं। कांग्रेस की उम्मीदवार लक्ष्मी गुंज्याल दूसरे स्थान पर रहीं। बागी गीता बोरा के मैदान में होने के बावजूद गंगोलीहाट नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी जयश्री पाठक की शानदार विजय रही। पूर्व प्रमुख ललित पाठक की बहू को टिकट देने का फायदा भी भाजपा को मिला।
बेड़ीनाग नगरपंचायत में भाजपा और कांग्रेस हाशिए में चले गए। भाजपा भी कोई रणनीति यहां पर नहीं बना सकी। जबकि क्षेत्रीय विधायक मीना गंगोला गंगोलीहाट के साथ ही बेड़ीनाग में भी पार्टी प्रत्याशी के प्रचार में जुटीं थीं। इसके बावजूद कांग्रेस के बागी एवं निर्दलीय हेम पंत बाजी मारने में सफल रहे। निर्दलीय हेम पंत की जबरदस्त लहर के कारणकांग्रेस के उम्मीदवार रवींद्र सिंह तीसरे स्थान पर चले गए। टिकट बंटवारे में यदि कांग्रेस ने हेम पंत के कद का ध्यान रखा होता तो पिथौरागढ़ जिले से कम से कम एक सीट कांग्रेस की झोली में आती।
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पिथौरागढ़ नगरपालिका में भाजपा से राजेंद्र सिंह रावत और कांग्रेस से जगत सिंह खाती मैदान में थे। वित्त मंत्री प्रकाश पंत की विधान सभा सीट की पालिका होने से भाजपा ने इस चुनाव को जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया। शाख का सवाल होने के कारण वित्त मंत्री स्वयं प्रचार पर निकले। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी चुनावी सभा को संबोधित करने यहां पहुंचे। इसके अलावा डीडीहाट के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल भी चुनाव प्रचार करने यहां के वार्डों में डटे रहे। जबकि कांग्रेस की ओर से एक भी चुनावी सभा नहीं की गई।
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प्रत्याशी जगत सिंह खाती कुछ गिने चुने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुटे रहे। बिखरी नजर आ रही कांग्रेस और तेजी से चर्चाओं में आए निर्दलीय शमशेर महर को देखते हुए चुनावों में त्रिकोणीय मुकाबले और कांग्रेस के तीसरे नंबर पर रहने की जबरदस्त चर्चा चली जो सटीक रही। इस महत्वपूर्ण सीट में मचे घमासान और एंटी इन्कंबेंसी को देखते हुए अंतिम क्षणों तक भाजपा के भीतर एक डर बैठा रहा, लेकिन चुनावी नतीजे भाजपा के दिग्गजों की शाख बचाने में सफल रहे।
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डीडीहाट नगरपालिका में भी विधायक विशन सिंह चुफाल की रणनीति काम आई। इस सीट में भाजपा की कमला चुफाल विजेता रही। यहां भी कांग्रेस एकजुट नजर नहीं आई। टूटन के चलते पार्टी उम्मीदवार हेमंती भंडारी तीसरे स्थान पर रहीं। निकाय चुनाव के इस परिणाम से विधायक विशन सिंह चुफाल और अधिक मजबूत साबित हुए हैं।
धारचूला नगरपालिका में भी भाजपा ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। कांग्रेस का गढ़ माने जाने से धारचूला निकाय चुनाव को फतह करना भाजपा के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद भाजपा की उम्मीदवार राजेश्वरी देवी विजेता बनीं। कांग्रेस की उम्मीदवार लक्ष्मी गुंज्याल दूसरे स्थान पर रहीं। बागी गीता बोरा के मैदान में होने के बावजूद गंगोलीहाट नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी जयश्री पाठक की शानदार विजय रही। पूर्व प्रमुख ललित पाठक की बहू को टिकट देने का फायदा भी भाजपा को मिला।
बेड़ीनाग नगरपंचायत में भाजपा और कांग्रेस हाशिए में चले गए। भाजपा भी कोई रणनीति यहां पर नहीं बना सकी। जबकि क्षेत्रीय विधायक मीना गंगोला गंगोलीहाट के साथ ही बेड़ीनाग में भी पार्टी प्रत्याशी के प्रचार में जुटीं थीं। इसके बावजूद कांग्रेस के बागी एवं निर्दलीय हेम पंत बाजी मारने में सफल रहे। निर्दलीय हेम पंत की जबरदस्त लहर के कारणकांग्रेस के उम्मीदवार रवींद्र सिंह तीसरे स्थान पर चले गए। टिकट बंटवारे में यदि कांग्रेस ने हेम पंत के कद का ध्यान रखा होता तो पिथौरागढ़ जिले से कम से कम एक सीट कांग्रेस की झोली में आती।