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कुतों के हमले में बाल-बाल बची बालिका
Updated Sun, 10 Jun 2018 11:07 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला महिला अस्पताल परिसर में लावारिस कुत्ते एक बालिका पर झपट पड़े। मौके पर मौजूद लोगों के कुत्तों को खदेड़ने के कारण बालिका बच गई। लोगों ने प्रशासन से ऐसे लावारिस कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
शनिवार शाम एक बालिका अपने परिजनों के साथ महिला अस्पताल आई थी। तभी कुत्तों का एक झुंड बालिका पर हमला करने के लिए झपट पड़ा। बालिका की चीख सुनकर स्टाफ रूप में बैठी एक नर्स सहित बेंच पर बैठे तीमारदारों ने शोर मचाकर कुत्तों से बालिका को बचाया। बता दें कि अस्पताल परिसर को लावारिस कुत्तों ने अपना ठिकाना बना लिया है। दिन रात कुत्तों के झुुंड परिसर में घूमते रहते हैं।
कई बार यह कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। अस्पताल के कर्मियों के अनुसार लावारिस कुत्तों की समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.तारा सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर में घूम रहे लावारिस कुत्तों के कारण स्टॉफ, मरीज और तीमारदार सभी परेशान हैं। उन्होंने नगरपालिका से इस समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है।
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शनिवार शाम एक बालिका अपने परिजनों के साथ महिला अस्पताल आई थी। तभी कुत्तों का एक झुंड बालिका पर हमला करने के लिए झपट पड़ा। बालिका की चीख सुनकर स्टाफ रूप में बैठी एक नर्स सहित बेंच पर बैठे तीमारदारों ने शोर मचाकर कुत्तों से बालिका को बचाया। बता दें कि अस्पताल परिसर को लावारिस कुत्तों ने अपना ठिकाना बना लिया है। दिन रात कुत्तों के झुुंड परिसर में घूमते रहते हैं।
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कई बार यह कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। अस्पताल के कर्मियों के अनुसार लावारिस कुत्तों की समस्या से कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.तारा सिंह ने कहा कि अस्पताल परिसर में घूम रहे लावारिस कुत्तों के कारण स्टॉफ, मरीज और तीमारदार सभी परेशान हैं। उन्होंने नगरपालिका से इस समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है।
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