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गोरखा किला परिसर में चित्र प्रदर्शनी लगाई
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:22 PM IST
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पिथौरागढ़। क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई अल्मोड़ा ने रविवार को प्राचीन गोरखा किला परिसर में चित्र प्रदर्शनी लगाकर कुमाऊं के इतिहास की झलक को सामने लाने का प्रयास किया। कुल 75 चित्रों के माध्यम से कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों की जानकारी दी गई। इनमें यक्ष प्रतिमा, शृृंगाररत दुर्गा, बेतालघाट की कृष्ण की दुर्लभ मूर्ति, मरसोली पिथौरागढ़ की लक्ष्मीनारायण की मूर्ति, लखुउडियार के शैलचित्र आदि शामिल हैं।
क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के प्रभारी डॉ. सीएस चौहान ने बताया कि पुरातत्व इकाई को अब तक सर्वेक्षण में जितनी भी प्राचीन सामग्री मिली है, उन सभी को चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनी में 9वीं शती की गणनाथ अल्मोड़ा की बैकुंठ विष्णु मूर्ति, बनकोट में मिली ताम्र मानव आकृति, 16वीं शती का अल्मोड़ा का नंदादेवी मंदिर, 14वीं शती के पिठौनी अल्मोड़ा के मुंड महादेव मंदिर समूह, 10वीं शती का अल्मोड़ा नारायणकाली का राममंदिर, पल्यूड़ा रानीखेत का ताम्रपत्र, 12वीं शती की अल्मोड़ा भतिनेश्वर की उमा महेश मूर्ति आदि के चित्र लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आम लोगों को अपनी विरासत की जानकारी देने के लिए यह आयोजन किया गया। डॉ. चौहान ने बताया कि यह चित्र प्रदर्शनी आर्किटेक्ट लॉरी बेकर, पूर्व राज्यपाल भैरव दत्त पांडे और आईसीएस भैरव दत्त सनवाल की जन्मशती के अवसर पर लगाई गई। प्रदर्शनी के संचालन में चंद्रशेखर उपाध्याय, अनिल कापड़ी आदि ने सहयोग दिया। प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
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क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के प्रभारी डॉ. सीएस चौहान ने बताया कि पुरातत्व इकाई को अब तक सर्वेक्षण में जितनी भी प्राचीन सामग्री मिली है, उन सभी को चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनी में 9वीं शती की गणनाथ अल्मोड़ा की बैकुंठ विष्णु मूर्ति, बनकोट में मिली ताम्र मानव आकृति, 16वीं शती का अल्मोड़ा का नंदादेवी मंदिर, 14वीं शती के पिठौनी अल्मोड़ा के मुंड महादेव मंदिर समूह, 10वीं शती का अल्मोड़ा नारायणकाली का राममंदिर, पल्यूड़ा रानीखेत का ताम्रपत्र, 12वीं शती की अल्मोड़ा भतिनेश्वर की उमा महेश मूर्ति आदि के चित्र लगाए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि आम लोगों को अपनी विरासत की जानकारी देने के लिए यह आयोजन किया गया। डॉ. चौहान ने बताया कि यह चित्र प्रदर्शनी आर्किटेक्ट लॉरी बेकर, पूर्व राज्यपाल भैरव दत्त पांडे और आईसीएस भैरव दत्त सनवाल की जन्मशती के अवसर पर लगाई गई। प्रदर्शनी के संचालन में चंद्रशेखर उपाध्याय, अनिल कापड़ी आदि ने सहयोग दिया। प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
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