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अब दोली के ग्रामीण बोले रोड नहीं तो वोट नहीं
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पिथौरागढ़। एक ओर प्रशासन जहां मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहा है वहीं, दूसरी ओर सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से परेशान ग्रामीण लगातार नोट नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर रहे हैं।
धारचूला विकास खंड के रांथी के ग्रामीणों को मनाने के बाद अब मूनाकोट विकास खंड के दोली के ग्रामीणों में रोष पनप गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप सड़क का सुधारीकरण नहीं होने पर रोड नहीं तो वोट नहीं का ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने कहा है कि 1996 में तत्कालीन विधायक लीलाराम शर्मा के प्रयासों से गौरीहाट से दोली तक चार किमी कच्ची सड़क का निर्माण किया गया।
उन्होंने कहा है कि तब से आज तक सड़क का न तो सुधारीकरण हुआ है और न ही डामरीकरण हुआ है। इसके चलते वर्तमान में सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने सड़क की बदहाली के लिए विधायक के खिलाफ भी आक्रोश व्यक्त किया है। ज्ञापन में देवकी नंदन भट्ट, गोविंद बल्लभ, मोहन चंद्र भट्ट, नरेंद्र भट्ट, रमेश चंद्र, पीतांबर भट्ट, नीलाधर शर्मा, हेमा भट्ट, रेवती, दीपा, नीलू, सरस्वती, भावना, दीपिका, विमला, जानकी, भागीरथी समेत 79 ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल है।
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धारचूला विकास खंड के रांथी के ग्रामीणों को मनाने के बाद अब मूनाकोट विकास खंड के दोली के ग्रामीणों में रोष पनप गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप सड़क का सुधारीकरण नहीं होने पर रोड नहीं तो वोट नहीं का ज्ञापन सौंपा है।
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ग्रामीणों ने कहा है कि 1996 में तत्कालीन विधायक लीलाराम शर्मा के प्रयासों से गौरीहाट से दोली तक चार किमी कच्ची सड़क का निर्माण किया गया।
उन्होंने कहा है कि तब से आज तक सड़क का न तो सुधारीकरण हुआ है और न ही डामरीकरण हुआ है। इसके चलते वर्तमान में सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने सड़क की बदहाली के लिए विधायक के खिलाफ भी आक्रोश व्यक्त किया है। ज्ञापन में देवकी नंदन भट्ट, गोविंद बल्लभ, मोहन चंद्र भट्ट, नरेंद्र भट्ट, रमेश चंद्र, पीतांबर भट्ट, नीलाधर शर्मा, हेमा भट्ट, रेवती, दीपा, नीलू, सरस्वती, भावना, दीपिका, विमला, जानकी, भागीरथी समेत 79 ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल है।
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