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ऐसा भाया योग कि भारत में ही बसने का मन बना लिया
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:48 PM IST
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ऐसा भाया योग कि भारत में ही बसने का मन बना लिया
पिथौरागढ़। स्विट्जरलैंड की नताली ईजो को भारतीय योग ऐसा भाया कि उन्होंने भारत में ही बसने का मन बना लिया है। नताली ने योग के जरिए स्वयं के शरीर को स्वस्थ किया अब औरों को योग की शिक्षा दे रही हैं। नताली ने आयुर्वेद की शिक्षा भी हासिल की है।
योग दिवस पर सीमांत यूथ मोर्चा और वेदाश एकेडमी के योग शिविर में शामिल हुईं स्विट्जरलैंड की लोजान निवासी नताली (35) ने बताया कि वह 15 सालों से योगाभ्यास कर रही हैं। 20 साल की उम्र में उनका डिस्क स्लिप हो गया था। भारतीय योग पद्धति की जानकारी मिलने पर उन्होंने योग का सहारा लिया और उनकी बीमारी दूर हो गई। तब से वह योग कर रही हैं। नताली ने बताया कि उनकी आयुर्वेद में गहरी रुचि है। उन्होंने ऋषिकेश के आयुर्वेदिक डॉक्टर विनोद से आयुर्वेद की शिक्षा ग्रहण की है।
नताली बताती हैं कि स्विट्जरलैंड और फ्रांस में तनावग्रस्त लोगों को उन्होंने योग के टिप्स दिए। उन्होंने भारतीय योग पद्धति को बेजोड़ बताते हुए कहा कि योग से मस्तिष्क और शरीर को जोड़ने की क्षमता पैदा करता है। निताली का मानना है कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में रोज योग और प्राणायाम हर किसी को करना चाहिए। योग से कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह भारत में ही शेष जीवन व्यतीत करना चाहती हैं।
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पिथौरागढ़। स्विट्जरलैंड की नताली ईजो को भारतीय योग ऐसा भाया कि उन्होंने भारत में ही बसने का मन बना लिया है। नताली ने योग के जरिए स्वयं के शरीर को स्वस्थ किया अब औरों को योग की शिक्षा दे रही हैं। नताली ने आयुर्वेद की शिक्षा भी हासिल की है।
योग दिवस पर सीमांत यूथ मोर्चा और वेदाश एकेडमी के योग शिविर में शामिल हुईं स्विट्जरलैंड की लोजान निवासी नताली (35) ने बताया कि वह 15 सालों से योगाभ्यास कर रही हैं। 20 साल की उम्र में उनका डिस्क स्लिप हो गया था। भारतीय योग पद्धति की जानकारी मिलने पर उन्होंने योग का सहारा लिया और उनकी बीमारी दूर हो गई। तब से वह योग कर रही हैं। नताली ने बताया कि उनकी आयुर्वेद में गहरी रुचि है। उन्होंने ऋषिकेश के आयुर्वेदिक डॉक्टर विनोद से आयुर्वेद की शिक्षा ग्रहण की है।
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नताली बताती हैं कि स्विट्जरलैंड और फ्रांस में तनावग्रस्त लोगों को उन्होंने योग के टिप्स दिए। उन्होंने भारतीय योग पद्धति को बेजोड़ बताते हुए कहा कि योग से मस्तिष्क और शरीर को जोड़ने की क्षमता पैदा करता है। निताली का मानना है कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में रोज योग और प्राणायाम हर किसी को करना चाहिए। योग से कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह भारत में ही शेष जीवन व्यतीत करना चाहती हैं।
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