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संभावित जल संकट पर उभरी चिंता
Updated Wed, 21 Mar 2018 10:52 PM IST
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पिथौरागढ़। विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित गोष्ठी में संभावित संकट से जुड़ी चिंताएं उभरकर सामने आई। इससे निपटने के लिए जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही जन जागरूकता पर जोर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्कूली बच्चों को पानी के महत्व की जानकारी दी और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने की कोशिश की।
बुधवार को सोर वैली पब्लिक स्कूल में आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. तारा सिंह ने पेयजल समस्या की तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि किस तरह पेयजल स्रोत सूख रहे हैं। देश के सभी बड़े नगर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जनसंख्या वृद्धि, जलवायु परिवर्तन आदि कारणों से पेयजल योजनाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकारी योजनाएं लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैं।
ऐसे में जल संरक्षण की योजनाओं की जरूरत है। पानी की बर्बादी रोकने के साथ ही उसे सहेजना भी सीखना होगा। कार्यकर्ताओं ने संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संग्रहण की तकनीक पर विशेष जोर दिया। इस दौरान छात्रों ने जल संरक्षण के कार्यों में हाथ बंटाने के साथ ही दूसरों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया। गोष्ठी में प्रधानाचार्य लीला जोशी, शिक्षक ललित पाटनी, दीपक बिष्ट, सुचित्रा भंडारी, मंजू रजवार, सुंदर सिंह, संदीप जेठी, मीना पाटनी आदि मौजूद थे।
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बुधवार को सोर वैली पब्लिक स्कूल में आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. तारा सिंह ने पेयजल समस्या की तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि किस तरह पेयजल स्रोत सूख रहे हैं। देश के सभी बड़े नगर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जनसंख्या वृद्धि, जलवायु परिवर्तन आदि कारणों से पेयजल योजनाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकारी योजनाएं लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैं।
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ऐसे में जल संरक्षण की योजनाओं की जरूरत है। पानी की बर्बादी रोकने के साथ ही उसे सहेजना भी सीखना होगा। कार्यकर्ताओं ने संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संग्रहण की तकनीक पर विशेष जोर दिया। इस दौरान छात्रों ने जल संरक्षण के कार्यों में हाथ बंटाने के साथ ही दूसरों को जागरूक करने का संकल्प भी लिया। गोष्ठी में प्रधानाचार्य लीला जोशी, शिक्षक ललित पाटनी, दीपक बिष्ट, सुचित्रा भंडारी, मंजू रजवार, सुंदर सिंह, संदीप जेठी, मीना पाटनी आदि मौजूद थे।
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