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Pithoragarh News: स्वरोजगार से 3100 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
Thu, 03 Oct 2024 02:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 03 Oct 2024 02:37 AM IST
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पिथौरागढ़। एक ओर जहां युवा रोजगार के लिए मैदानों में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, वहीं विण विकासखंड की 3100 ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने स्वरोजगार कर खुद को आत्मनिर्भर बनाया है। ये महिलाएं प्रतिमाह 12,000 से 15,000 रुपये की आय कर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
पहाड़ों में उद्योग नहीं होने के कारण युवा स्वरोजगार के लिए हर साल बड़ी संख्या में पलायन कर महानगरों को जाते हैं। वहीं विण विकासखंड की 3100 महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने रीप परियोजना से जुड़कर स्वरोजगार शुरू किया है।
महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण में समूह की महिलाओं को एक लाख के रीप बजट के उद्यमी को तीस हजार रुपये और तीन लाख के रीप बजट के उद्यमी को 75,000 रुपये की धनराशि दी गई। महिलाओं को योजना भाई और उन्होंने सब्जी उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, सिलाई उद्योग शुरू किया।
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खंड विकास अधिकारी नवीन तिवारी का कहना है कि योजना से महिलाओं ने अपना व्यवसाय शुरू किया है। इससे गांवों में पलायन को कुछ हद तक रोका जा सकता है।
अपना रेस्टोरेंट चलाकर सपने पूरे कर रही सपना
पिथौरागढ़। सपना बिष्ट ने कहा कि रीप योजना से उन्होंने रेस्टोरेंट से स्वरोजगार शुरू किया और आत्मनिर्भर की ओर कदम बढ़ाया। कहा कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया और उन्हें प्रेरित किया। कहा कि रोजगार के लिए बाहर जाने वाले युवाओं को पहाड़ों में रहकर व्यक्तिगत व्यवसाय शुरू करना चाहिए। संवाद
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पहाड़ों में उद्योग नहीं होने के कारण युवा स्वरोजगार के लिए हर साल बड़ी संख्या में पलायन कर महानगरों को जाते हैं। वहीं विण विकासखंड की 3100 महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने रीप परियोजना से जुड़कर स्वरोजगार शुरू किया है।
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महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण में समूह की महिलाओं को एक लाख के रीप बजट के उद्यमी को तीस हजार रुपये और तीन लाख के रीप बजट के उद्यमी को 75,000 रुपये की धनराशि दी गई। महिलाओं को योजना भाई और उन्होंने सब्जी उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, सिलाई उद्योग शुरू किया।
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खंड विकास अधिकारी नवीन तिवारी का कहना है कि योजना से महिलाओं ने अपना व्यवसाय शुरू किया है। इससे गांवों में पलायन को कुछ हद तक रोका जा सकता है।
अपना रेस्टोरेंट चलाकर सपने पूरे कर रही सपना
पिथौरागढ़। सपना बिष्ट ने कहा कि रीप योजना से उन्होंने रेस्टोरेंट से स्वरोजगार शुरू किया और आत्मनिर्भर की ओर कदम बढ़ाया। कहा कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया और उन्हें प्रेरित किया। कहा कि रोजगार के लिए बाहर जाने वाले युवाओं को पहाड़ों में रहकर व्यक्तिगत व्यवसाय शुरू करना चाहिए। संवाद