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बर्फीले इलाकों के लिए अगले हफ्ते भेजा जाएगा राशन
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:46 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला और मुनस्यारी के बर्फीले इलाकों के लिए अगले हफ्ते तीन महीने का अग्रिम राशन भेज दिया जाएगा, ताकि बर्फबारी के समय रास्ता बंद होने पर राशन की सप्लाई प्रभावित न हो।
उच्च हिमालयी क्षेत्र के कई गांवों से लोग मौसमी प्रवास पर घाटियों की ओर आ जाते हैं, लेकिन कुछ गांव ऐसे हैं जो मौसमी प्रवास पर नहीं जाते। उनके लिए तीन महीने का राशन अग्रिम भेजने की व्यवस्था की जाती है।
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन ने बताया कि मुनस्यारी तहसील में नामिक गांव के लोग मौसमी प्रवास पर नहीं जाते। इसी तरह धारचूला तहसील में तवाघाट, हिमखोला, पांगला गांव के लोग भी मौसमी प्रवास नहीं करते। उन्होंने बताया कि हर परिवार के लिए शासन से निर्धारित राशन का कोटा अग्रिम भेजा जाएगा। इसमें चावल, गेहूं, चीनी, मिट्टी का तेल शामिल रहेगा। धारचूला और मुनस्यारी के ऊंचाई वाले इलाकों में हर साल बर्फबारी से आवागमन पर असर पड़ता है।
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नवंबर तक मौसम लगभग सामान्य रहता है और रास्ते बंद होने की संभावना नहीं रहती। उन्होंने बताया कि हर गांव की मांग के अनुसार राशन तैयार कर दिया गया है। मानसून सीजन में भी इन इलाकों के लिए इसी तरह की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र के कई गांवों से लोग मौसमी प्रवास पर घाटियों की ओर आ जाते हैं, लेकिन कुछ गांव ऐसे हैं जो मौसमी प्रवास पर नहीं जाते। उनके लिए तीन महीने का राशन अग्रिम भेजने की व्यवस्था की जाती है।
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जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन ने बताया कि मुनस्यारी तहसील में नामिक गांव के लोग मौसमी प्रवास पर नहीं जाते। इसी तरह धारचूला तहसील में तवाघाट, हिमखोला, पांगला गांव के लोग भी मौसमी प्रवास नहीं करते। उन्होंने बताया कि हर परिवार के लिए शासन से निर्धारित राशन का कोटा अग्रिम भेजा जाएगा। इसमें चावल, गेहूं, चीनी, मिट्टी का तेल शामिल रहेगा। धारचूला और मुनस्यारी के ऊंचाई वाले इलाकों में हर साल बर्फबारी से आवागमन पर असर पड़ता है।
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नवंबर तक मौसम लगभग सामान्य रहता है और रास्ते बंद होने की संभावना नहीं रहती। उन्होंने बताया कि हर गांव की मांग के अनुसार राशन तैयार कर दिया गया है। मानसून सीजन में भी इन इलाकों के लिए इसी तरह की व्यवस्था करनी पड़ती है।