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सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का सुझाव
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पिथौरागढ़। कंप्यूटर स्नातकों ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सरकारी विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटर की कक्षाओं में कंप्यूटर विषय अनिवार्य किए जाने का सुझाव दिया है।
कंप्यूटर स्नातक बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे से मिले और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि वर्तमान समय में कंप्यूटर महत्वपूर्ण विषय होने के बावजूद इसे हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अनिवार्य रूप से स्थापित नहीं किया गया है।
कहा है कि प्रदेश की जनता गरीब है ऐसे में उनके लिए अपने पाल्यों को प्राइवेट संस्थानों से कंप्यूटर की शिक्षा दिलाना आसान नहीं है। सरकारी विद्यालयों में यदि कंप्यूटर की शिक्षा अनिवार्य होगी तो इससे विद्यालयों में कम हो रही छात्र संख्या पर भी अंकुश लगेगा।
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कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 35 हजार छात्र कंप्यूटर साइंस से विभिन्न कोर्स कर निकल रहे हैं। बावजूद इनके रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। कहा है कि यदि कंप्यूटर को अनिवार्य विषय के रूप में मान्यता मिलेगी तो प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया, कौशल विकास कार्यक्रम को मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने की मांग उठाई है।
उन्होंने इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय को भी ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. पुनीत वर्मा, गोरव पोखरिया, बृजमोहन भट्ट, जगदीश सिंह, ज्योति जोशी, मोहित पांडेय, सुशील भट्ट आदि मौजूद रहे।
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कंप्यूटर स्नातक बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे से मिले और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि वर्तमान समय में कंप्यूटर महत्वपूर्ण विषय होने के बावजूद इसे हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अनिवार्य रूप से स्थापित नहीं किया गया है।
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कहा है कि प्रदेश की जनता गरीब है ऐसे में उनके लिए अपने पाल्यों को प्राइवेट संस्थानों से कंप्यूटर की शिक्षा दिलाना आसान नहीं है। सरकारी विद्यालयों में यदि कंप्यूटर की शिक्षा अनिवार्य होगी तो इससे विद्यालयों में कम हो रही छात्र संख्या पर भी अंकुश लगेगा।
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कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 35 हजार छात्र कंप्यूटर साइंस से विभिन्न कोर्स कर निकल रहे हैं। बावजूद इनके रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। कहा है कि यदि कंप्यूटर को अनिवार्य विषय के रूप में मान्यता मिलेगी तो प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया, कौशल विकास कार्यक्रम को मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने की मांग उठाई है।
उन्होंने इस संबंध में मानव संसाधन मंत्रालय को भी ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. पुनीत वर्मा, गोरव पोखरिया, बृजमोहन भट्ट, जगदीश सिंह, ज्योति जोशी, मोहित पांडेय, सुशील भट्ट आदि मौजूद रहे।